दो दिवसीय कृषि उद्यमी मिलन कार्यक्रम सम्पन्न

दिंनाक: 10 Dec 2018 16:59:11


भोपाल(विसंके). दो दिवसीय कृषि उधमी मिलन कार्यक्रम का समापन संस्थान के उद्यमिता विद्यापीठ लोहिया सभागार में सम्पन्न हुआ। जिसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के महानिदेशक डा. त्रिलोचन महापात्रा एवं दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन एवं डा. अनुपम मिश्रा निदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद जोन 09 जबलपुर की उपस्थिति में हुआ। इस कृषि उद्यमी मिलन कार्यक्रम में मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्य के कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिकों एवं इन दोनों राज्यों के विविध जिलों से आये कृषि उद्यमियों की सहभागिता रही। दो दिवसीय कृषि उद्यमी मिलन कार्यक्रम में काफी नई-नई जानकारियां एक दूसरे से सीखने के लिये मिली। अपने विचार रखते हुये डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने कहा कि समय-समय पर समाज को दिषा देने के लिये अनेक महापुरूषों ने जन्म लेकर तत्कालीन समाज को एक नई दिषा देने का कार्य किया है। कष्मीर से कन्याकुमारी तक गंगा जमुनी संस्कृति वाले देश देव भूमि भारत पर प्रकृति की असीम अनुकम्पा है, प्रकृति ने भारत को स्वयं पूर्ण बनाया है। हमारे गांव प्राकृतिक संसाधनों के अथाह भण्डार है, ऐसा एक भी गांव नहीं है जहां कोई न कोई कच्चा माल उपलब्ध न हो जो कच्चामाल उपलब्ध है उसे वहीं तैयार माल में रूपांतरित करने की प्रक्रिया प्रारम्भ करना आर्थिक समस्याओं के निराकरण का सर्वोत्तम उपाय है। इसके अधिष्ठान में हैं हमारे किसान, हमारे विविध कारीगर, हमारी परिवार व्यवस्था। इसके साथ-साथ हमारी परम्परायें और इन परम्पराओं पर हमारी आस्था व उनके प्रति प्रेम। परम्परायें सिर्फ सामाजिक स्तर पर ही नहीं आर्थिक रूप से भी हमें मजबूत बनाये हुये हैं, शहरीकरण की प्रवृति ने परम्पराओं को तोड़ने की कोशिश जरूर की है परन्तु हमारी सामाजिक व्यवस्थाओं ने कम से कम गांव में तो उन्हें बनाये रखा है।



दीनदयाल शोध संस्थान संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन जी ने कहा कि संस्थान विविध प्रकल्पों के माध्यम से ग्राम स्तर पर कृषि उधमियों को प्रशिक्षण देकर ग्रामीण अंचल में उपलब्ध कच्चेमाल को तैयार माल में रूपांतरित करने के लिये ग्राम स्तर पर कुटीर उद्योग प्रारंभ करने का अभियान चला रहा है। विभिन्न क्षेत्रों से आये हुये कृषि उद्यमियों ने कहा कि नवीन तकनीकियों की जानकारी देने एवं लोगों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में किये जा रहे विविध प्रयासों के आदान-प्रदान के लिये जो प्रयास दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट, कृषि विज्ञान केन्द्र मझगवां सतना एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली ने किया है वह हम सबके लिये मार्गदर्शन का कार्य करेगा।


कार्यक्रम में डा. आर.एन.एस. बनाफर निदेशक विस्तार सेवाएं ग्वालियर, डा. ए.एन. राठौर निदेशक विस्तार सेवायें रायपुर, डा. एस.एन. तोमर, डा. एस.आर.के. सिंह प्रधान वैज्ञानिक अटारी जबलपुर, सहित कुल 160 वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि उद्यमियों ने प्रतिभाग किया।