आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 13 Dec 2018 15:32:07


संस्कार ही ‘मानव’ के ‘आचरण’ की नीव होती है | जितने गहरे ‘संस्कार’ होते हैं, उतना ही “अडिग” मनुष्य अपने कर्त्तव्य पर, अपने धर्म पर, सत्य पर, और न्याय पर होता है |


- स्वामी दयानंद सरस्वती