समाज तक अपनी बात पहुँचाने का माध्यम है प्रचार प्रसार - श्री अवनीश भटनागर

दिंनाक: 17 Dec 2018 15:58:37


भोपाल(विसंके). हमें किसी भी कार्य करने के लिए उसमें उतरना पड़ता है, हम अच्छा कार्य करें उसकी सुगंध समाज में फैले। गुरुजी के अनुसार मेरा स्वयं सेवक ही मेरा प्रचार है। जो लोग समाज के बारे में सोचने की विचार धारा रखते हैं जिनकी समाज सुनता है, उनकी मानता है। उन्हें ओपीनियन मेकर कहते हैं। इनकी तीन श्रेणी हैं –


  1. अकादमिक- जिसमें कुलपति से लेकर ग्राम शिक्षक
  1. बुद्धजीवी - जिसमें वकील, डॉक्टर, इन्जीनियर, न्यायाधीश और सामाजिक संगठन के पदाधिकारी
  2. मीडिया - जिसकी पहुँच हमारे घर तक है इसके अतिरिक्त धर्म आधारित संस्था, आध्यात्मिक संस्था और जाति आधारित संस्था के प्रमुखों द्वारा कही गई बात सब मानते है।


इनके माध्यम से हमारे द्वारा किए गए कार्य को समाज से परिचित कराना ही हमारा उद्देष्य है। उक्त उद्गार डॉ. अविनीश भटनागर (राष्ट्रीय मंत्री, विद्याभारती) ने प्रचार विभाग मध्यक्षेत्र की दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में व्यक्त किए। 


    प्रचार कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कर रहे भोजमुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. जयन्त सोनवलकर ने कहा कि वर्तमान युग में ज्ञान प्रबंध सफलता का प्रथम सूत्र है। हम जो कार्य करे उसे जन मानस तक जरुर पहुँचाए। अनुभव से सीखना हमारा उद्धेश्य होना चाहिए। जिस क्षेत्र में हम कार्य करें उसकी सम्पूर्ण जानकारी हमें होना चाहिए। सामूहिक प्रयास और साहसिक नेतृत्व, सम्प्रेषण कला, टीम भावना से कार्य सफलता तो करता ही है समस्याओं का निदान भी करता है। 

कार्यक्रम में डॉ.गोविन्द प्रसाद शर्मा (राष्ट्रीय अध्यक्ष, विद्या भारती), श्री भालचन्द्र रावले(क्षेत्रीय संगठनमंत्री), श्री हितानंद शर्मा (प्रांतीय संगठनमंत्री), श्री मोहनलाल गुप्त (प्रादेशिक सचिव), जितेन्द्र सिंह  एवं विभिन्न समाचार पत्रों के पत्रकार उपस्थित थे। 
दो दिवसीय कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में मीडिया मेनेजमेन्ट, फॉटोग्राफी, समाचार लेखन, मीडिया से संवाद आदि विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।