आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 21 Dec 2018 15:24:33


सांप्रदायिक सद्भाव की प्रतीक थी राम प्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्लाह की  मित्रता 


बिस्मिल हिन्दू हैं कहते हैं
“फिर आऊँगा,फिर आऊँगा,फिर आकर के ऐ भारत माँ तुझको आज़ाद कराऊँगा”.
जी करता है मैं भी कह दूँ पर मजहब से बंध जाता हूँ,मैं मुसलमान हूँ पुनर्जन्म की बात नहीं कर पाता हूँ
.
हाँ खुदा अगर मिल गया कहीं अपनी झोली फैला दूँगा, और जन्नत के बदले उससे एक पुनर्जन्म ही माँगूंगा.”

- शहीद अशफाक उल्ला खां