अनुदेशकों हेतु एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम सम्पन्न

दिंनाक: 26 Dec 2018 15:25:16


भोपाल(विसंके). दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित एवं कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित जन शिक्षण संस्थान चित्रकूट द्वारा अनुदेशकों हेतु एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में राजेष कुमार सोनी लीड डिस्ट्रिक मैनेजर, विशिष्ट अतिथि आर.एन. गुप्ता ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) तथा अमिताभ वशिष्ट अपर महाप्रबंधक दीनदयाल शोध संस्थान एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता अभय महाजन संगठन सचिव दीनदयाल शोध संस्थान एवं अध्यक्ष जन शिक्षण संस्थान चित्रकूट रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ पं. दीनदयाल एवं राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख के चित्र पर पुष्पार्चन द्वारा किया गया। जन शिक्षण संस्थान के निदेषक डॉ. रामलखन सिंह सिकरवार ने संस्थान के उद्देष्यों एवं गतिविधियों के बारे में विस्तृत प्रकाष डाला और बताया कि जनपद के 15-35 आयु वर्ग के निरक्षर, नवसाक्षर एवं अल्पशिक्षित बेरोजगार नवयुवक एवं नवयुतियों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के आधार पर प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य जन शिक्षण संस्थान कर रहा है। विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के निदेषक आर.एन. गुप्ता ने कहा कि बैंकों के माध्यम से भी हम प्रषिक्षण कार्यक्रमों का संचालन करते हैं। जन षिक्षण संस्थान एवं आरसेटी दोनों ही मिलकर जिले में बेरोजगारों को प्रषिक्षण देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र बहुत पिछड़ा हुआ है यहाँ संसाधनों एवं आधुनिक सुविधाओं की कमी है इसलिए यहाँ के लोगों को प्रशिक्षण प्राप्त करके ही अपना रोजगार खड़ा करना चाहिए।
लीड डिस्ट्रिक मैनेजर राजेष कुमार सोनी ने कहा कि अनुदेषकों को अपने व्यक्तित्व का विकास करना चाहिए। जब तक आपमें बोलने व कुछ कर गुजरने का साहस नहीं होगा समस्याओं का समाधान करने की क्षमता का विकास नहीं करेगें अपने व्यवहार से व्यक्तियों को आकर्षित नहीं करोगें और अपने कार्य से प्रशिक्षणार्थियों को संतुष्ट नहीं करोगे तब तक आप सफल अनुदेषक नहीं बन पाओगे। उन्होने कहा कि सबको अपना जीवन बीमा अनिवार्य रूप से करवाना चाहिए और सबको अपना बैंक खाता खुलवाना चाहिए तथा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से अपना व्यवसाय खड़ा करने हेतु बैंक से आवष्यकतानुसार शिशु, वयस्क एवं तरूण श्रेणियों में लोन लेकर लाभान्वित होकर सफल व्यवसायी बन सकते हैं। उन्होंने लोन में आने वाली सभी समस्याओं में सहयोग करने का आश्वासन दिया एवं अनुदेषकों के सभी सवालों का जवाब दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन ने कहा कि श्रद्धेय नानाजी ने चित्रकूट क्षेत्र के 50 किमी0 की परिधि में आने वाली 512 ग्राम आवादियों में कोई गरीब न रहे, कोई बीमार न रहे, कोई अशिक्षित न रहे, न कोई बेकार रहे एवं हरा-भरा विवादमुक्त गांव हो इन उद्देष्यों की पूर्ति हेतु चित्रकूट में कई प्रकल्पों की स्थापना की। अनपढ़ गरीब बेरोजगारों हेतु जन शिक्षण संस्थान प्रशिक्षण देने का कार्य करता है। आप लोग प्रशिक्षण लेकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर अल्प बचत कर सके यही नाना जी की इच्छा थी। आशा है आप सभी अपने उद्देष्यों में सफल होगें। व्यक्तित्व विकास विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए विनीत श्रीवास्तव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तार से व्याख्यान दिया एवं बताया कि जब तक आपका व्यक्तित्व एवं व्यवहार आकर्षित करने वाला एवं समय का प्रबन्धन करने वाला, अपने गलतियों से सीख कर सुधार करने वाला एवं परस्रावलम्बन की भावना का विकास नहीं होगा तब तक आप सफल अनुदेषक नहीं बन पायेगें। परियोजना समन्वयक राजेन्द्र सिंह ने प्रषिक्षण में आने वाली समस्याओं उनके प्रबंधन तथा प्रषिक्षण को प्रभावी संचालन हेतु मार्गदर्षन प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक परियोजना समन्वयक अनिल सिंह ने किया। कार्यक्रम में प्रभाकर मिश्रा, सुघर सिंह, अजय पाण्डेय, गणेष प्रसाद सहित 26 अनुदेषक उपस्थित रहे।