संघ की ‘शाखा’ संस्कार देने वाला विद्यापीठ – सुनील कुलकर्णी

दिंनाक: 03 Dec 2018 17:19:54


गोरखपुर (विसंकें). महाराणा प्रताप इण्टर कॉलेज परिसर गोलघर, गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरखपुर महानगर के स्वयंसेवक समागम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय शारीरिक शिक्षण प्रमुख सुनील कुलकर्णी जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 93 वर्षों से अनवरत चला आ रहा है. इस कालखंड में संगठन ने अनेकों उतार-चढ़ाव देखे.


डॉ. हेडगेवार जी ने जब संघ की स्थापना की थी, तब समाज का एक बड़ा वर्ग अक्सर उनका उपहास उड़ाता था. परंतु कठिन परिश्रम और दृढ़ निश्चय से 1946 तक आते आते संघ की शाखाएं संपूर्ण भारत में फैल गईं. जो लोग कभी संघ का उपहास उड़ाया करते थे, संघ की उपेक्षा करते थे, उन्हीं लोगों ने 1948 में संघ की बढ़ती शक्ति को देखकर संघ पर गांधी जी की हत्या का निराधार आरोप लगा संघ को प्रतिबंधित किया. प्रतिबंधों व कठिनाइयों के पश्चात भी संघ कंचन बनकर निकला, जिसके फलस्वरूप समाज में संघ की स्वीकार्यता और भी बढ़ गई.


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जिस लक्ष्य को लेकर अपनी यात्रा आरंभ की वो आज भी चल रही है. इस काल खण्ड में अनेकों संगठन इस धरती पर अवतरित हुए और विलीन हो गए तथा संगठन खंड खंड हो गए. लेकिन संघ 93 वर्षों से चट्टान की भाँति अटल बना रहा. आज समाज में स्वयंसेवक के सेवा कार्यों की वजह से संघ की स्वीकार्यता बढ़ी है, जिसके चलते हम स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है कि हम समाज की अपेक्षाओं पर खरे उतरें. संघ कार्य का सूत्र है अपरिचित को परिचित बनाना, परिचित को स्वयंसेवक और स्वयंसेवक को कार्यकर्ता बनाना.

 

 


संघ इसी सिद्धांत पर कार्य करता है. संघ का कार्य समाज को नई दिशा देने के साथ ही समाज में व्याप्त विसंगतियों, कुरीतियों को दूर करना और अपने सकारात्मक कार्यों से विरोधियों को भी अपना बनाना है.