चित्रकूट क्षेत्र के 108 ग्रामीण केन्द्रो मे एक साथ स्वास्थ्य जागरुकता एवं उपचार शिविर का आयोजन

दिंनाक: 10 Feb 2018 17:59:56

पं. दीनदयाल उपाध्याय की 50वीं. पुण्यतिथि पर गाँव-गाँव आयोजित हो रहे शिविर


भोपाल(विसंके). चित्रकूट 10 फरवरी 2018/ कृतज्ञ राष्ट्र पं. दीनदयाल उपाध्याय एवं राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख का जन्म शताब्दी मना रहा है. उसी क्रम में पं. दीनदयाल उपाध्याय की 50वीं पुण्यतिथि 11 फरवरी को चित्रकूट के 50 कि.मी. की परिधि में आने वाले 108 केन्द्रों (ग्राम पंचायतों) में एक साथ स्वास्थ्य जागरुकता शिविर आयोजित किया गया है. इसका आयोजन दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट द्वारा डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर वैद्यकीय प्रतिष्ठान औरंगाबाद एवं सेवांकुर डॉ. हेडगेवार रुग्णालय, महाराष्ट्र की प्रेरणा से किया जा रहा है, जिसमें सतना एवं चित्रकूट का जिला प्रशासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, आई.एम.ए. सतना, म.प्र. आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर, श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय रीवा, एम.पी.विड़ला हास्पिटल सतना, सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट चित्रकूट, ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट तथा जगतगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय, राजकीय मेडिकल कालेज बांदा, राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय अतर्रा के साथ नेशनल मेडिकोस आर्गेनाइजेशन, विश्व आयुर्वेद परिषद, आरोग्य भारती का सहयोग मिल रहा है.


इस हेतु महाराष्ट्र, उ.प्र. एवं म.प्र. के विभिन्न मेडिकल कालेजों एवं देश के अन्य संस्थानों के वरिष्ठ चिकित्सक स्वास्थ्य जागरुकता एवं उपचार शिविर सम्पन्न कराने हेतु चित्रकूट आये है. सभी लोग शिविर से एक दिन पूर्व 10 फरवरी को शिविर ग्राम में ही रात्रि प्रवास किये है, रात्रि में चिकित्सकों एवं मेडिकल छात्रों द्वारा ग्रामवासियों को गोष्ठी के माध्यम से स्वास्थ्य, स्वच्छता, कुपोषण इत्यादि के बारे में जानकारी दी जा रही है और 11 फरवरी को निःशुल्क उपचार शिविर लगाया जा रहा है जिसमें रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया जा रहा है.

इस अवसर पर विश्व आयुर्वेद परिषद के अध्यक्ष डॉ. बी.एन. गुप्ता ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र के बढ़ते आयामों और विविध स्वास्थ्य संगठनों के माध्यम से सेवा कार्य को आगे बढ़ाने का चलन जिस तरह चल रहा है और उससे जो संस्कार और वातावरण बन रहा है वह निश्चित तौर पर भारत को परम वैभव पर ले जाने वाला है। अपने आशीर्वचन में संतोषी अखाड़ा के महंत रामजी दास महाराज ने कहा कि चित्रकूट हमारी आध्यात्मिक राजधानी है साथ ही शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में जो अभिनव प्रयोग यहाँ हो रहे है वे बेहद अनुकरणीय है. कार्यक्रम के अन्त मे राजकीय मेडिकल कालेज बांदा के डीन डॉ. डी. नाथ ने आभार व्यक्त करते हुये कहा कि जब तक समाज के अंतिम पंक्ति का सर्वांगीण विकास नहीं होगा तब तक भारत का उदय नहीं होगा. इसके लिये युवाओं के चिन्तन को दिशा देने की जरुरत है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयोजको ने जो एक साथ 108 शिविर करने का बीडा उठाया है उनके इस प्रयास के लिये उनका अभिनंदन करते है. कार्यक्रम का संचालन दीनदयाल शोध संस्थान के डॉ. विजय प्रताप सिंह द्वारा किया गया