गांवों से पलायन रोकें स्वयंसेवकः मोहन भागवत

दिंनाक: 10 Feb 2018 18:10:09


भोपाल(विसंके). गांवों से युवाओं व किसानों का पलायन रोका जाए. स्वयंसेवक इसे मिशन के रूप में लें. गांवों से पलायन व बढ़ते शहरीकरण से भारतीय जीवन मूल्यों का क्षरण व देश तथा समाज में कई प्रकार की विसंगतियां पैदा हुई हैं. शाखाओं के प्रयास से ही ग्रामीणों का पलायन रुकेगा. ये विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघ चालक मोहन भागवत जी ने मुजफ्फरपुर (बिहार) स्थित भारती शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान में व्यक्त किए. संघ प्रमुख मोहन भागवत जी यहां चिंतन शिविर में स्वयंसेवकों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने चिंतन शिविर में भारतीय जीवन मूल्यों के विविध पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की. संघ प्रमुख ने बताया कि भारतीय जीवन मूल्यों के प्रति समाज को जागरूक करना आवश्यक है. विगत कुछ दशकों से हम अपनी जड़ों से दूर होते जा रहे. हम अपने जीवन मूल्यों से दूर होकर दूसरी चीजों को जीवन का आधार मान लेते हैं. वहीं से समस्याएं शुरू हो जाती हैं. भारतीय जीवन दर्शन  धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष पर केंद्रित है. व्यक्ति के पुरुषार्थ को ही उसके जीवन का आधार माना गया है. संघ कार्यकर्ताओं की यह जिम्मेदारी है कि सामाजिक समरसता का वातावरण फैले. इसके लिए जाति व वर्ग भेद को समाप्त कर एक कुटुम्ब के रूप में समाज को देखने व महसूस करने के लिए सक्रिय हों. गांवों में शाखाओं का विस्तार किया जाए. शाखाओं में ग्रामीण युवाओं की संख्या बढ़ाई जाए. उन्हें जैविक खेती व देसी बीज के उत्पादन आदि की जानकारी दी जाए. ग्रामीण समस्याओं के निदान के लिए सामूहिक प्रयास के तहत श्रमदान व भिक्षाटन आदि से समस्याओं को दूर कराया जाए. भारतीय जीवन मूल्यों की समाज में वापसी हो सकेगी.


साभार- नोएडा (प्रेरणा ब्यूरो).