पं.दीनदयाल उपाध्याय की 50वीं. पुण्यतिथि पर 108 ग्रामीण केन्द्रो मे एक साथ सम्पन्न हुये स्वास्थ्य शिविर

दिंनाक: 12 Feb 2018 17:44:44


चित्रकूट(विसंके). 11 फरवरी 2018/ पं. दीनदयाल उपाध्याय की 50वीं पुण्यतिथि पर चित्रकूट के 50 कि.मी. की परिधि में आने वाले 108 केन्द्रों (ग्राम पंचायतों) में एक साथ स्वास्थ्य जागरुकता शिविर सम्पन्न हुआ. दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट द्वारा डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर वैद्यकीय प्रतिष्ठान औरंगाबाद एवं सेवांकुर डॉ. हेडगेवार रुग्णालय महाराष्ट्र की प्रेरणा से इस शिविर को लगाया गया है, जिसमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश एवं मध्यप्रदेश के विभिन्न मेडिकल कालेजो एवं देश के अन्य संस्थानों से वरिष्ठ चिकित्सक स्वास्थ्य जागरुकता एवं उपचार शिविर सम्पन्न कराने चित्रकूट आये और सभी लोग एक दिन पूर्व ग्राम मे ही रात्रि प्रवास किये. रात्रि में सभी 108 केन्द्रों पर चिकित्सकों एवं मेडिकल लोगों द्वारा ग्रामवासियों को गोष्ठी के माध्यम से स्वास्थ्य, स्वच्छता, कुपोषण इत्यादि के बारे में जागरुक किया गया और शिविर लगाकर निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया. प्रत्येक केन्द्र पर 200-250 मरीजों का पंजीयन एवं उपचार किया गया है जिसमें सभी 108 केन्द्रों से प्राप्त डाटा के आधार पर लगभग 15 से 20 हजार लोगों को स्वास्थ्य शिविर का लाभ प्राप्त हुआ है.
15 से 20 हजार लोगों का शिविर के माध्यम से किया गया उपचार

शिविर का सामूहिक समापन सभी टीम के लौटने के उपरान्त विवेकानन्द सभागार दीनदयपाल परिसर चित्रकूट में किया गया. शिविर का समापन उ.प्र. सरकार के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन के मुख्य आतिथ्य मे किया गया. इस अवसर पर रामायणी कुटी के महंत रामहृदय दास जी महाराज, कामदगिरि पीठ के संत मदन गोपाल दास जी महाराज, महंत गोविन्द दास जी महाराज, जगतगुरु रामभ्रदाचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. योगेशचन्द्र दुबे, फार्मेसी काउंसिल म.प्र. के अध्यक्ष ओम जैन, डॉ. के.के. गुप्ता, बांदा मेडिकल कालेज के डीन डॉ. डी नाथ, दीनदयाल शोध संस्थान के प्रबंध समिति सदस्य वीरेन्द्र चतुर्वेदी प्रमुख रुप से मंचासीन रहे. इनके अलावा बांदा चित्रकूट सांसद भैरों प्रसाद मिश्र, मानिकपुर विधायक आर.के. सिंह पटेल, विधायक चित्रकूट चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय, भाजपा उ.प्र. की उपाध्यक्ष रंजना उपाध्याय, जिलाध्यक्ष अशोक जाटव भी उपस्थित रहे. शिविर की समापन बेला पर गाँव से शिविर सम्पन्न कराकर लोटे रीवा, जबलपुर, अतर्रा, महाराष्ट्र के मेडिकल कालेज के चिकित्सक व छात्रों ने अपने-अपने अनुभव साक्षा किये। अनुभव कथन के दौरान गाँव मे ज्यादातर अशिक्षा, स्वच्छता और कुपोषण की समस्या ज्यादा देखने को मिली है. महाराष्ट्र से मेडिकल छात्रा सुश्री ज्योति ने अपने अनुभव मे बताया कि मानवता और विनम्रता को लेकर जो चलता है वही अच्छा इंसान होता है. भभेट ग्राम में जाकर मेरी प्र्रेक्टिस की शुरुआत हुई है यह मेरे लिये अनुकरणीय है.


इस अवसर पर फार्मेसी काउंसिल म.प्र. के अध्यक्ष ओम जैन ने कहा कि देश मे शिक्षा और चिकित्सा इन दोनो क्षेत्र में हम सब सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाले कार्यकर्ता लगे है. खुशहाल गाँव-खुशहाल समाज की परिकल्पना को साकार रुप देने का काम शुरु हुआ है. यह सब अपने आप मे अनुकरणीय है.

उ.प्र. सरकार के मंत्री आशुतोष टंडन ने अपने भाषण मे कहा कि आज हर जगह स्वच्छता, अशिक्षा की समस्या है जैसा कि अनुभव कथन मे सामने आया है लेकिन हमारे प्रदेश की और केन्द्र की सरकार इन सब समस्याओं से निपटने वाली सरकार है. मा. योगी जी ने सभी जनप्रतिनिधियों को बुलाकर आदेशित किया है कि सभी एक-एक विद्यालय को गोद लेकर हर स्तर पर उसकी चिन्ता करें. बेसिक शिक्षा से लेकर माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के लिये हर स्तर पर सरकार प्रयास कर रही है. प्रधानमंत्री जी की कल्पना के अनुसार अगर देश मे स्वच्छता पर जागरुगकता आ जायेगी तो देश में आधी से ज्यादा बीमारी अपने आप मर जायेगी. जीवन यापन के लिये रोटी, कपड़ा और मकान चाहिये लेकिन कालान्तर मे शिक्षा और स्वास्थ्य भी जड़ गया है। मा0 मोदी जी की स्वास्थ्य जीवन बीमा योजना आज इतनी बडी योजना बनी है कि देश की बहुत बड़ी आवादी उससे लाभन्वित हो रही है.

कार्यक्रम के अन्त में आशीर्वचन देते हुये रामायणी कुटी के महंत रामहृदय दास जी महाराज ने कहा कि चित्रकूट अपने आप में एक औषधि है जहाँ सारा ज्ञान विलुप्त हो जाये तो चित्रकूट एक ऐसी धरा है जहाँ आने के बाद विशेष ऊर्जा प्राप्त होती है. हमारे देहात में कहावत है पहला सुख निरोगी काया और वो निरोगी काया आती है आप सबके समर्पण-सेवा भाव से, जिसने आपको गाँव जाकर शिविर लगाने के लिये प्रेरित किया. कार्यक्रम का संचालन दीनदयाल शोध संस्थान के कार्यकर्ता राजेन्द्र सिंह द्वारा किया गया.

दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट में मनाई गई पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की 50वीं पुण्यतिथि
दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट द्वारा पं. दीनदयाल उपाध्याय की 50वीं पुण्यतिथि को दीनदयाल पार्क उद्यमिता विद्यापीठ चित्रकूट में समारोह के रूप में मनाई गई. प्रातःकाल से ही संस्थान के विविध प्रकल्प गुरुकुल संकुल, उद्यमिता विद्यापीठ, सुरेन्द्र पॉल ग्रामोदय विद्यालय, आरोग्यधाम तथा खादी ग्रामोद्योग आयोग प्रशिक्षण केन्द्र के प्रशिक्षणार्थी एवं बच्चों तथा गुरुमाता-पिता सहित कार्यकर्ताओं द्वारा अपने-अपने प्रकल्पों में दीनदयाल जी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किये गये तथा कार्यकर्ताओं एवं बच्चों द्वारा पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन से जुडे प्रेरणादायी प्रसंगों को दैनिक जीवन में आत्मसात करने हेतु मंचन भी किया गया. सामूहिक कार्यक्रम के रूप में पं. दीनदयाल पार्क उद्यमिता परिसर में स्थापित लगभग 15 फिट ऊॅची प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संस्थान के सभी महिला पुरुष कार्यकर्ताओं द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गई. राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख द्वारा 1968 में पं. दीनदयाल जी के निर्वाण के उपरांत दीनदयाल स्मारक समिति बनाकर उनके काम की नींव दिल्ली में रखी थी. नानाजी द्वारा स्मारक समिति से लेकर दीनदयाल शोध संस्थान की स्थापना तक के सफर में दीनदयाल जी के एकात्म मानव दर्शन को व्यवहारिक रूप में धरातल में उतारने का कार्य सामूहिक पुरुषार्थ से कराकर दिखा दिया कि कोई अकेला व्यक्ति या संगठन विकास की प्रतिमा न दिखे बल्कि जनता स्वयं विकास की वाहक बनें. उनका दृष्टिकोण था कि इसमें केवल नाममात्र की भागीदारी प्रक्रिया नही होना चाहिये बल्कि ऐसी हो जिसमें लोगों के लिये लोग हों! वे खुद पहल करें, पुरुषार्थ करें, और विकास की प्रक्रिया के सतत् भागीदार बनें.