भारतीय चित्र साधना द्वारा चित्र भारती फिल्मोत्सव, फ्लैश मॉब का आयोजन किया गया

दिंनाक: 16 Feb 2018 19:20:35


नई दिल्ली,(विसंके). भारतीय चित्र साधना द्वारा चित्र भारती फिल्मोत्सव के प्रचार के लिए आज कनॉट प्लेस मेट्रो स्टेशन गेट नं 6 के सामने में फ्लैश मॉब का आयोजन किया गया. भारतीय चित्र साधना के महामंत्री श्री राकेश मित्तल ने इस अवसर पर चित्र भारती फिल्मोत्सव की जानकारी लोगों के समक्ष रखी. उन्होंने बताया कि चित्र भारती ने आज से दो साल पहले इंदौर में इसकी शुरुआत की थी. पहले फिल्म फेस्टिवल में 8 राज्यों से 309 एंट्रियां आईं थीं जबकि अभी दिल्ली में आयोजित होने वाले फिल्म फेस्टिवल में भारत के सभी राज्यों से 703 एंट्रियां अभी तक मिली हैं. उसमें से 160 सबसे अच्छी फिल्में स्क्रीनिंग कमेटी ने छांटी हैं जिनको प्रतियोगिता खंड में शामिल किया गया है. 19, 20 और 21 फरवरी को यह सभी फिल्में सीरी फोर्ट सभागार में देखने को मिलेंगी. भारत से कोई भी व्यक्ति डेलिगेट से रूप में इसमें आनलाइन या ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन करा सकता है, जो अपने इंस्टीट्यूट या यूनिवर्सिटी के माध्यम से लेटरहेड पर आवेदन भेजते हैं उनका डेलिगेट चार्ज नहीं लगेगा.
श्री राकेश मित्तल ने बताया कि चित्र भारती के तीन दिवसीय फिल्मोत्सव को चार भागों में बांटा गया है. जिसमें कैम्पस फिल्में जो यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा बनाई गई हैं इसको भी दो भागों में विभक्त किया गया है, जिसमें पहली श्रेणी फिल्म इंस्टीट्यूट के छात्रों की है, दूसरी नॉन फिल्म इंस्टीट्यूट के छात्रों की फिल्में हैं. नॉन फिल्म इंस्टीट्यूट के अमेच्योर छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए अलग से यह श्रेणी बनाई गई है. पूना फिल्म इंस्टीट्यूट जैसे संस्थानों के छात्र बहुत अच्छी फिल्में बनाते हैं क्योंकि उनको वही सिखाया जाता है इसलिए उनके लिए अलग कैटेगरी रखी गई है. इसके अलावा शॉर्ट फिल्म, ऐनीमेशन फिल्म और डॉक्यूमेंट्री फिल्म की तीन कैटेगरी हैं जिसके अंतर्गत कोई भी भाग ले सकता है। इसके अलावा इस फिल्म फैस्टिवल में 5 मास्टर क्लास की जाएंगी. जिसमें बड़े-बड़े प्रतिष्ठित फिल्मकारों द्वारा छात्र-छात्राओं को फिल्ममेकिंग की अलग-अलग विधाओं के गुर बताए जाएंगे. इसके अंतर्गत स्क्रिप्ट राइटिंग के ऊपर दो मास्टर क्लास रखी गई हैं, जिसमें पहले दिन ‘कहानी’, अंजाना-अंजानी जैसी सुपरहिट लिखने वाली सुश्री अद्वैता काला स्क्रिप्ट राइटिंग की क्लास लेंगी. अंतिम दिन 21 फरवरी को भारत के जाने माने स्क्रिप्ट राइटर विजेन्द्र प्रसाद जिन्होंने बाहुबली 1 और 2, बजरंगी भाईजान जैसी सफल फिल्मों की स्क्रिप्ट लिखी है, वह स्क्रिप्ट राइटिंग की क्लास लेंगे. 21 तारीख को ही प्रसिद्ध फिल्म फिल्मकार शोमैन सुभाष घई फिल्म डायरेक्शन के ऊपर क्लास लेंगे। 20 तारीख को मधुर भंडारकर डायरेक्शन के ऊपर क्लास लेंगे। 20 तारीख को ही मनोज तिवारी एक्टिंग के ऊपर क्लास लेंगे, इसके अलावा 20 तारीख की शाम को नवरस के नाम से एक कार्यक्रम किया जाएगा जिसमें 9 तरह के एक्टिंग के भावों को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा. फिल्म व थियेटर दोनों विधाओं के एक्टिंग के विद्यार्थियों के लिए यह बहुत ज्ञानवर्धक होगा. 21 तारीख को पुरस्कृत फिल्मों के नामों की घोषणा की जाएगी, इस बार डेलीगेट्स को भी पुरस्कार हेतु फिल्मों के चयन का मौका दिया गया है, जिन डेलीगेट्स के द्वारा चुनी गई फिल्में ज्यूरी से मैच करेंगी उन डेलीगेट्स को भी पुरस्कृत किया जाएगा. पुरस्कार चयन में आठ थीमों पर आधारित है जिसमें महिला, पर्यावरण, भारतीय संस्कृति, समाज कल्याण आदि इस तरह से आठ थीमों पर एंट्री मंगवाई गई थी. तो यह थीम बेस्ड फिल्म फैस्टिवल है. सारी थीम भारतीय कल्चर को लेकर बनाई गई थीं.

उन्होंने बताया कि भारतीय फिल्मों से धीरे-धीरे भारतीयता खत्म होती जा रही है, हमारा उद्देश्य यह है कि भारतीय फिल्मों में भारतीयता को पुर्नप्रतिष्ठापित किया जाए. विश्व को देने के लिए, दिखाने के लिए हमारे पास बहुत कुछ है वो चीजें को समय के साथ विलुल्प होती जा रही हैं उनको स्थापित करने की जरूरत है. आने वाला समय शॉर्ट फिल्मों का है क्योंकि लोगों के पास समय कम होता जा रहा है, स्मार्ट फोन और लैपटॉप आने के कारण लोग यह पसंद कर रहे हैं कि तीन घंटे थियेटर में खराब करने के फोन या लैपटाप पर फिल्में देखें. इसलिए हमारा फोकस शॉर्ट फिल्मों पर है. छोटे में आपका विजन स्पष्ट होता है तो एक अच्छा फिल्म मेकर बनने की दिशा में यह आपका बहुत बड़ा कदम होगा.

इस अवसर पर प्रज्ञा प्रवाह के संयोजक श्री जे. नंदकुमार ने भी फिल्मोत्सव के बारे में विचार रखे. इससे चित्र भारती फिल्मोत्सव से जुड़े छात्रों ने विभिन्न फिल्मी धुनों पर नृत्य प्रस्तुति दी.