केंद्रीय बजट के सन्दर्भ में किसान संघ की अधिकृत प्रतिक्रिया

दिंनाक: 02 Feb 2018 19:05:46


भोपाल(विसंके). बजट में किसानी और किसान को प्राथमिकता दी गयी है, यह स्वागत योग्य है. भारतीय किसान संघ और किसानों की बहुत पुरानी मांग लागत के आधार कृषि उपज का मूल्य तय हो, इसे बजट में खरीफ फसल को देने की घोषणा की है.

यह मूल्य किसान को दिलाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर केंद्र सरकार पुख्ता इंतजाम करेगी, यह अच्छी बात है.

इस बजट में जैविक खेती, मछली पालन, पशुपालन का ध्यान रखा है. इसे KCC के साथ जोड़ा है, यह राहत देने वाला है. किन्तु KCC का क्रियान्वयन ठीक से सभी राज्यों में नहीं हो रहा है, उसे भी ठीक करना होगा.

ग्रामीण संरचना के लिए 14 लाख 35 हजार करोड़ लगाने का प्रावधान ग्रामीण क्षेत्र में विकास की गति बढ़ा सकती है.

कृषि के लिए संस्थागत पूंजी 11 लाख की गई है, यह स्वागत योग्य है. किन्तु इसे और बढ़ाना चाहिए था.

कृषि शिक्षा और अनुसन्धान को बजट में स्थान नहीं दिया गया, यह आवश्यक था.

टमाटर, प्याज और आलू के लिए ऑपरेशन ग्रीन से भी किसान को लाभ होगा, ऐसा लगता है.

कृषि उपज के निर्यात को बढ़ाना चाहिए, यह किसान संघ का सुनिश्चित मत है. इसे बजट में स्थान दिया यह अच्छा है. उसी प्रकार से 22000 ग्रामीण बाजार केंद्र की पहल भी भारतीय किसान संघ की मांग के अनुसार ही है.

विशेष कृषि उत्पाद के लिए जिलों में प्रक्रिया उद्योग बढ़ाना किसान की आय बढ़ाने के लिए उपयुक्त होगा, बशर्ते इसमें कुटीर, लघु उद्योगों को प्राथमिकता देनी होगी.

FPO के लिए टैक्स राहत देने का किसान संघ स्वागत करता है.

कुल मिला कर बजट किसान को निश्चित रूप से राहत देने वाला है. लेकिन इसका क्रियान्वयन योग्य प्रकार से हो, यह अपेक्षित है.

दिनेश कुलकर्णी

संगठन मंत्री, अखिल भारतीय किसान संघ