आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 27 Feb 2018 16:42:15


आज हमारे देश को आवश्यकता है –

लोहे के समान मांसपेशियों और वज्र के समान स्नायुयों की. हम बहुत दिनों तक रो चुके, अब और रोने की आवश्यकता नहीं. अब अपने पैरों पर उठ खड़ें होओं एवं मनुष्य बनो.

- स्वामी विवेकानंद