सर्व धर्म समभाव से सभ्य समाज का निर्माण सम्भव – समरसता यात्रा

दिंनाक: 08 Feb 2018 16:18:55


होशंगाबाद. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा निकाली गई सामाजिक समरसता यात्रा का समापन कार्यक्रम आंवरीघाट आंवरीघाट पर संपन्न हुआ. जिसमें विभिन्न समाजों के वरिष्ठजन, साधू-संत एवं संघ के विभाग संघचालक श्री धन्नालाल दोगने, ने प्रस्तावना में यात्रा के संबंध में बताते हुए संघ द्वारा किये जा रहे समरसता के प्रयास एवं समाज जागरण के अन्य कार्यो की जानकारी दी.
    यात्रा संयोजक श्री मृगेन्द्र मण्डलोई ने यात्रा का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि 29 जनवरी को उमरिया घाट से प्रारंभ हुई समरसता यात्रा शिवपुर खण्ड के 80 ग्रामों से निकाली गई तथा उन ग्रामों में ग्राम समिति का गठन किया. आगे भी यह समितियां अपने गांव में समरसता की दिशा में काम करेंगी. 
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री प्रकाश बरतूनिया ने सामाजिक समरतसा का उल्लेख करते हुए भगवान श्री राम का उदाहरण देते हुएबताया  कि श्रीराम ने शबरी के झूठे बेर खायें. निषाद व केवट को गले लगाया. मीराबाई ने संत रविदास को गुरू बनाया. रानी लक्ष्मीबाई की रक्षा के लिए झलकारी देवी ने प्राणों की आहूती दी। अपने उद्बोधन में उन्होंने बताया कि हिन्दु समाज में भेदभाव व छुआछुत के लिए कोई स्थान नही है. 


  कार्यक्रम का संचालन संघ के जिला सहर्कावाह श्री विनोद लौवंशी ने किया. इस अवसर पर संघ व समाज के सैकड़ों बंधु उपस्थित थे.