ब्रह्मलीन जगतगुरू शंकराचार्य पूज्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती जी को विहिप महासचिव श्री चम्पतराय के श्रद्धांसुमन

दिंनाक: 01 Mar 2018 18:11:08


भोपाल(विसंके). कांची कामकोटि पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्य  स्वामी जयेंद्र सरस्वती जी महाराज के ब्रह्मलीन होने का समाचार सुनकर विश्व हिन्दू परिषद के हम सभी कार्यकर्ता स्तब्ध हैं। विहिप के अंतर्राष्ट्रीय महा सचिव श्री चम्पत राय ने उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा है कि परिषद के कार्यों पर उनका स्नेह व आशीर्वाद अप्रतिम रहा है। 1980 के दशक में उत्तर भारत के कडाके की सर्दी में भी उन्होंने रिक्शा  पर बैठ कर उत्तर भारत के कार्यकर्ताओं के साथ श्री राम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण के लिए भ्रमण कर जन-जागरण किया।


उन्होंने सदैव सबको जोड़ने के कार्य में अपनी शक्ति लगाई। सामाजिक विषयों पर उनका चिंतन सबसे अलग हट कर केवल मनुष्य केन्द्रित यानि, मानव मात्र की भलाई के लिए ही था। ‘सर्वेषां अविरोधेन’, यही उनका स्वभाव था. उन्होंने देशभर में जो सेवा-कार्य प्रारम्भ किए, वे सबके लिए अनुकरणीय हैं।  

विहिप महा सचिव ने कहा है कि हम सब स्वामी जी की आत्मा को श्रद्धापूर्वक अपना मस्तक नमन करते हैं तथा आश्रम वासियों व भक्तों को हुए इस अपार दुःख में भी हम सहभागी हैं।