भाषाओं व बोलियों के संरक्षण-संवर्धन के लिये समाज तथा सरकार से आह्वान

दिंनाक: 12 Mar 2018 14:07:08


नागपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी ने कहा कि भारत में विविध भाषाएं और बोलियाँ हैं. आज इनमें से कई बोलियाँ विलुप्त होने के कगार पर हैं. संघ इन भाषाओं और बोलियों के संवर्धन व संरक्षण के लिये सरकार के साथ ही समाज से भी आगे आने का आह्वान करता है. इससे संबंधित प्रस्ताव नागपुर में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में पारित किया गया है. नागपुर में प्रतिनिधि सभा के अंतिम दिन (दोपहर को) आयोजित प्रेसवार्ता में सरकार्यवाह जी ने जानकारी प्रदान की.

उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्र में बोली जाने वाली बोलियों की लिपि नहीं है. ऐसी बोलियाँ तेजी से विलुप्त हो रही हैं. ऐसी लिपि रहित बोलियों के लिए लिपियाँ निश्चित करने का काम आरम्भ किया गया है. उन बोलियों के लिए रोमन लिपि के बजाय भारत में विविध भाषाओं के लिए प्रयुक्त की जाने वाली लिपियों में से ही किसी लिपि का प्रयोग किया जाए, तो आगामी दो-तीन वर्ष में इसके परिणाम दिखाई देंगे.

अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर निर्माण के सन्दर्भ में सरकार्यवाह जी ने कहा कि वहां केवल राम मंदिर ही बनेगा, दूसरा कुछ भी नहीं. लेकिन इसके लिये निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने में कुछ समय लगेगा. इस मुद्दे पर आम सहमति से हल निकलना मुश्किल है. लेकिन इस सन्दर्भ में किये जा रहे किसी भी प्रयास का हम स्वागत करते हैं. किसानों की समस्या से सम्बंधित प्रश्न का उत्तर देते हुये उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं का हल निकलना ही होगा. किसानों के प्रति संवेदनाहीन रहने वाली सरकार टिक ही नहीं सकती.

उद्योगपतियों द्वारा बैंको के कर्ज डुबाये जाने के सन्दर्भ में उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था की खामी है, इसे दूर कर व्यवस्था सुधारनी होगी. लिंगायत को अलग धर्म का दर्जा देने की कर्नाटक में उठी मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हिन्दू धर्म में शैव, वैष्णव, शाक्त आदि संप्रदाय हैं, लेकिन इनके बीच कोई टकराव नहीं है.

भाजपा का सत्ता में आना और संघ का विस्तार इसमें कोई सम्बन्ध नहीं है. भाजपा के सत्ता में आने से पूर्व 2014 के पहले संघ का देश में बहुत विस्तार हो चुका है. दिनोंदिन संघ की स्वीकार्यता बढ़ रही है, अधिकाधिक लोग संघ से जुड़ना चाहते हैं. प्रेसवार्ता में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य जी, सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र कुमार जी भी उपस्थित थे.

डॉ. मनमहन वैद्य व मुकुंदा जी नए सह सरकार्यवाह

अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के अंतिम दिन (सायं के सत्र में) सरकार्यवाह भय्याजी जोशी ने अखिल भारतीय कार्यकारिणी की घोषणा की. संघ में अखिल भारतीय स्तर पर दो नए सह सरकार्यवाह बनाए गए हैं, यानि अब चार के स्थान पर छह सह सरकार्यवाह होंगे. अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य जी तथा अ.भा. सह बौद्धिक प्रमुख मुकुंदा जी को सह सरकार्यवाह बनाया गया है. अ.भा. सह संपर्क प्रमुख अरुण कुमार जी को अ.भा. प्रचार प्रमुख, सुनील भाई मेहता जी को अ.भा. सह बौद्धिक प्रमुख तथा जम्मू कश्मीर के प्रांत प्रचारक रमेश पप्पा जी को अ.भा. सह संपर्क प्रमुख बनाया गया है.