देश के साथ मध्यभारत प्रान्त में भी बढ़ रहा है संघ कार्य

दिंनाक: 15 Mar 2018 18:02:19


भोपाल(विसंके). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक 09-11 मार्च  2018 को रेशम बाग, नागपुर में सम्पन्न हुई l विश्व संवाद केंद्र, भोपाल में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मध्यभारत प्रान्त के सह प्रान्त संघचालक श्री अशोक पांडे जी ने प्रतिनिधि सभा के वार्षिक प्रतिवेदन को प्रस्तुत किया. प्रतिनिधि सभा में 11 क्षेत्र, 43 प्रान्तों के 1538 में से 1461 प्रतिनिधियों ने भाग लियाl संघ की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई “अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा” का विधिवत शुभारंभ 09 मार्च, 2018 को प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत तथा सरकार्यवाह श्री भैय्याजी जोशी ने कियाl रेशम बाग, नागपुर (महाराष्ट्र) के परिसर में आयोजित तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा बैठक के दौरान देश व समाज से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा हुईl साथ ही प्रांत अनुसार संघ कार्य एवं सम वैचारिक संगठनों के कार्य को देशभर से आये प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया और आगामी कार्य योजना पर चर्चा भी हुई l  सभा के प्रारम्भ में प.पू.. शंकराचार्य जी सहित अनेक गणमान्य नागरिकों को J`}katfy दी गयी l साथ ही सरकार्यवाह श्री भैय्याजी जोशी ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया l

देशभर में वर्ष-2016 में 56,859 शाखाएं, वर्ष-2017 में 57,185 थी, जो इस वर्ष बढ़कर 58962 हो गई हैं l वर्ष-2017 में 14,896 साप्ताहिक मिलन और 8,226 मासिक मिलन चल रहे थे जो वर्ष-2018 में 16,405  साप्ताहिक मिलन और 7,973 मासिक मिलन हो गए हैंl वहीँ, शिक्षा वर्गों में शामिल होने वाले शिक्षार्थी स्वयंसेवकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है l पूरे देश में इस वर्ष प्राथमिक शिक्षा वर्ग में-1180  स्थानों पर 95318 शिक्षार्थियों ने भाग लियाl  इसी प्रकार प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले 20 से 25 दिन के संघशिक्षा वर्गों में 86 स्थानों पर 24,139 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया l पूरे देश में 871 जिलों से 613 जिला केन्द्रों पर 05 से अधिक शाखा वाले है l कुल खंड (तहसील) 6283 में से 5548 में शाखा कार्य एवं अन्य में संपर्क है l कुल मंडल 56694 में से 22706 में शाखा एवं 9050 में साप्ताहिक शाखा है, कुल 31756 मंडलों में संघ कार्य है l कुल नगर-2368 में से 2219 में शाखा है l इस वर्ष 58962 शाखाओं में से विद्यार्थी शाखा-29665, महाविद्यालय-7282, तरुण व्यवसायी-15887, प्रौढ़ शाखा-6128 है l                               

मध्यभारत में संघ कार्य : प्रान्त में वर्ष 2015 में 1,326 शाखाएं, वर्ष 2016 में 1,439 जो वर्तमान में 1709    हो गयीं हैंl महाविद्यालयीन विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में संघ के संपर्क में आकर संघकार्य से जुड़ रहे हैंl इसका उदाहरण विवेकानंद इन कैंपस 27 जिलों के 112 महाविद्यालय से 11213 छात्र एवं 213 प्राध्यापक सम्मिलित हुए l ज्वाइन आरएसएस के माध्यम से भी बड़ी संख्या में लोग संघ से जुड़ रहे हैं, जिनके संघ परिचय वर्ग भी संपन्न हुए हैंl जिसमे इस वर्ष पुरे देश से 1 लाख 32 हजार लोगों ने आवेदन किये है

मध्यभारत में इस वर्ष सामाजिक समरसता के लिए विशेष प्रयास किये गएl जिसमें श्योपुर में हिन्दू सम्मलेन, रायसेन समरसता कुम्भ एवं विदिशा में बस्ती टोली एकत्रीकारण सम्पन्न हुए l इन कार्यक्रमों में क्रमशः श्योपुर में 87000, रायसेन में लगभग 50000 तथा विदिशा नगर के 415 कार्यक्रमों में 37196 नागरिक उपस्थित हुए जिसमें 12100 महिलाएं थी l विदिशा के बस्ती टोली सम्मलेन में सरसंघचालक जी की उपस्थिति में 3472 कार्यकर्ता उपस्थित रहे l             

प्रतिनिधि सभा में इस वर्ष मातृभाषा विषय पर एक प्रस्ताव पारित हुआ है l

अन्य उल्लेखनीय विषय :

संघ के स्वयंसेवकों द्वारा देश में लगभग 01 लाख 76 हजार सेवाकार्य किये जा रहे हैंl समग्र समाज तक राष्ट्रीय विचार का साहित्य पहुंचे, इसके लिए भी विशेष प्रयास किये गएl देशभर की 12 भाषाओँ में 30 मासिक पत्रिकाये 2 लाख से अधिक ग्रामों तक पहुँचती है l पिछले वर्ष देश में नारद जयंती के 187 कार्यक्रम हुए, जिनमें 6 हजार 137 पत्रकार और 20 हजार से अधिक नागरिक शामिल हुए थे l इस वर्ष 200 से अधिक नारद जयंती के कार्यक्रमों में 10 हजार से अधिक पत्रकार एवं 40 हजार नागरिक सम्मिलित हुए तथा 1300 पत्रकारों को सम्मानित भी किया गयाl 323 गौ कथाओं में 30 हजार 800 नागरिक उपस्थित हुए l समरसता की दृष्टी से तेलंगाना प्रान्त के 200 ग्रामों में एक शमशान, एक मंदिर, एक कुआं सबको समान रूप से उपलब्ध कराये जाने के प्रयास हुए l जयपुर प्रान्त में स्वर गोविन्दम घोष शिविर में 108 खंडो से 1251 घोषवादक संम्मिलित हुए l दिल्ली की 86 प्रतिशत शाखाओं ने समाज हित का कार्य किया l रामनवमी पर बंगाल में 210 स्थानों पर शोभायात्राओं में 18 लाख नागरिक सहभागी हुए l  मेरठ प्रान्त में राष्ट्रोदय शिविर में 1 लाख 45 हजार 322 स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में सहभागी हुए l जिसमें 1 लाख 1 हजार 712 स्वयंसेवक 40 की आयु से कम के थे l उत्तर असाम में पूर्ण गणवेश में 31 हजार 351 उपस्तिथि एवं 35 हजार सामान्य नागरिकों की उपस्तिथि थी l