एक जीता-जागता उदाहरण हज़ारों भाषणों से ज्यादा प्रेरणा देता है – सुरेश सोनी

दिंनाक: 16 Mar 2018 19:36:28


भोपाल(विसंके). नदी-महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह श्री सुरेश सोनी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस पंचम नदी-महोत्सव के केंद्र बिंदु का विषय सहायक नदियाँ हैं l गाँव-गाँव में फैली जलधाराओं की एक दुनिया है और उसे समझने की आवश्यकता है l पश्चिमी और भारतीय चिंतन में अंतर समझाते हुए सुरेश सोनी जी ने कहा कि हमे अपने मौलिक चिंतन को समझकर उसमे परिवर्तन करना होगा l पिछले 150 सालों में विज्ञान ने बहुत सी तकनीक और मशीने बनाई हैं किन्तु उनमे से कुछ तकनीकों से समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं lभारतीय चिंतन को समझे जिसमे यह बतलाया गया है कि पृथ्वी एकात्म है और मानव जीवन पंचतत्व के साथ जुडा हुआ है l उन्होंने कई उदाहरण देते हुए कहा कि हज़ारों भाषणों से ज्यादा एक जीता-जागता उदाहरण प्रेरणा देता है l स्व. अनिल माधव दवे ने भी कई ऐसे कार्य किये जिनसे हम सभी को प्रेरणा मिलती है l हमें समग्र संतुलन को आगे बढाते हुए इसी दिशा में कार्य करना होगा l

देश में जल की कमी नहीं बल्कि जल के नियोजन की कमी है - नितिन गड़करी

पंचम नदी महोत्सव में चिंतन करते हुए मुझे स्व. अनिल माधव दबे जी की याद आ रही है l वे नर्मदा नदी को स्वच्छ बनाने हेतु लगातार प्रयास करते रहते थे और उन्होंने अपना जीवन पर्यावरण को समर्पित कर दिया था l आज दवे जी हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनके विचारों को आगे बढाने के लिए कार्य करते रहना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है यह विचार नर्मदा-तवा संगम बांद्राभान में आयोजित पंचम नदी महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने व्यक्त किये l उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और जानवर भगवान के द्वारा हमें दी गई अमूल्य भेंट है और इनका संवर्धन करने पर सम्पूर्ण सृष्टि का विकास होगा और इसके लिए हम सभी को एकात्म दृष्टिकोण की आवश्यकता है l

नदियों का महत्व समझकर हमे लगातार उन्हें जीवित रखने हेतु कार्य करना होगा- शिवराज सिंह चौहान

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सर्प्रथम स्व. अनिल जी को श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए कहा कि हमे उनके कार्य को आगे बढ़ाना होगा l साथ ही सरकार के कार्यों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों कि ज़िन्दगी में खुशहाली लाना और सामाजिक रूप से भी उनका विकास करना सरकार का कार्य है l

कार्यक्रम में हुआ स्व. अनिल मादव दवे की किताब का विमोचन

उद्घाटन सत्र में स्व. अनिल माधव दवे जी की किताब “नर्मदा परिक्रमा मार्ग” का विमोचन भी उपस्थित अथितियों द्वारा किया गया l

आकर्षण का केंद्र रहा पंचम नदी महोत्सव का प्रतीक

पांचवे नदी महोत्सव का प्रतीक हमारी सृष्टि में जीवन के मूल सिद्धांत ‘पंच महाभूत की एकात्मता’ पर आधारित है l भारत में बहने वाली अधिकाँश नदियाँजलराशि के लिए जंगल और वृक्षों पर निर्भर हैं, प्रतीक के मध्य में नदी और वृक्ष का युग्म इसी तथ्य को प्रदर्शित करता है l यह युग्म जल तत्व का प्रतिनिधि है l