हिन्दू महिला ने जीती अपने बच्चों के धर्मांतरण की कानूनी लड़ाई

दिंनाक: 23 Mar 2018 16:09:00


मलेशिया की शीर्ष अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला हिन्दू महिला एम.इंदिरा गांधी के पक्ष में दिया. किसी नाबालिग के धर्मांतरण के लिए उसके माता-पिता दोनों की सहमति लेनी जरूरी है. अदालत ने एक हिन्दू महिला के पक्ष में फैसला सुनाते हुए यह कहा कि एम. इंदिरा गांधी के पति ने उनके तीन बच्चों को उसकी सहमति के बिना मुस्लिम बना दिया था. एम.इंदिरा गांधी को 9 साल की लडाई के बाद कामयाबी मिली है. उनके पुर्व पति ने वर्ष 2009 में इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था और अपने बच्चों को भी मुसलमान बन दिया था. एम.इंदिरा गांधी को यही बात बुरी लगी साथ ही उनके पति ने बेटी को भी छीन लिया था. उस वक्त बच्ची की उम्र मात्र 11 महीने थी इंदिरा गांधी ने तीनों बच्चों का संरक्षण और उनके धर्मांतरण से जुडी अपनी कानुनी लडाई में जीत हासिल की है. फेडरल कोर्ट पांच सदस्यीय पैनल ़़़ ने पाया कि तीनों बच्चों का गैर कानूनी तरीके से धर्मांतरण किया गया है. क्योंकि इसमें इंदिरा गांधी की सहमति नहीं ली गई. इंदिरा के वकील एम. कुलसेगरन ने बताया कि यह एक ऐतिहासिक फैसला है और सभी के लिए जीत है

साभार:- म्हारा देश म्हारी माटी