आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 23 Mar 2018 16:59:46


अध्यापक राष्ट्र की संस्कृति के चतुर माली होते हैं. वे संस्कारों की जड़ों में खाद देते हैं और अपने श्रम से उन्हें सींच-सींच कर महाप्राण शक्तियाँ बनाते हैं.


  –महर्षि अरविंद