आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 24 Mar 2018 17:08:32


चारों वेद पढ़ा होने पर भी जो दुराचारी है, वह अधमता में शूद्र से भी बढ़कर है. जो अग्निहोत्र में तत्पर और जितेन्द्रिय है, उसे “ब्राह्मण” कहा जाता है.

 - महर्षि वेद व्यास (महाभारत )