“गजवा-ए-हिन्द” जैसे षणयंत्र से जूझने के लिए हम कितने प्रतिबद्ध – सुरेश राने

दिंनाक: 24 Mar 2018 15:52:35


भोपाल(विसंके). गजवा ए हिंद का शाब्दिक अर्थ है-भारत पर इस्लाम की पूर्ण विजय. यह एक हदीस है (पैगम्बर मुहम्मद के कुरान से अतिरिक्त कथनों को हदीस कहा जाता है) अतः यह मुसलमानों के लिये सुदृढ़ मान्यता का विषय है-


'काले झन्डे लिये हुए योध्दा खुरासान-(अफगानिस्तान, पाकिस्तान, उत्तर-पश्चिमी भारत) से आयेंगे, कोई ताकत इन्हे रोक नहीं सकेगी, अल्लाह इन योध्दाओं को विजय दिलायेगा, सारा भारत इस्लामी राज्य बनेगा, भारत के शासकों को जंजीरों से बांध कर घसीटा जायेगा.'
वास्तव मे यह सब अरब योध्दाओं का सपना था. अरब क्षेत्र में स्थापित हुआ इस्लाम सारे पश्चिम एशिया में फैल गया, पर भारत का रुख करने पर उन्हे बार-बार पराजय झेलनी पड़ी. 712 ई. के मोहम्मद बिन कासिम के सिंध पर हमले के पश्चात अरब कभी सिंधु नदी से आगे नहीं बढ़ पाये. यहाँ गुर्जर प्रतिहार राजाओं नागभट्ट प्रथम और मिहिर भोज ने अरब सेनाओं को हर बार बुरी तरह परास्त किया कि अरबों ने भारत की ओर देखना ही छोड़ दिया. सुलेमान नामक अरब ने लिखा- गुर्जरों की शक्ति बहुत भयानक है, उनसे जीतना असम्भव है, उनकी चारों सीमाओं पर पच्चीस-पच्चीस लाख सैनिक हैं, उनकी घुड़सवार सेना बहुत तेज है. 
          लगभग 300 साल बाद प्रतिहारों की शक्ति क्षीण होने पर महमूद गजनवी ने सीमा क्षेत्रों पर आक्रमण किये पर वह लूट पाट कर लौट जाता था. सन 1192  में मुहम्मद गोरी और उसके बाद के आक्रमण कारियों ने भारत पर स्थाई शासन स्थापित करने का प्रयास किया, पर वह अरब मूल के नहीं थे, तथा वह अनेक प्रयासों के बाद भी देश के इस्लामी करण में सफल नहीं हुए क्योंकि वह भारतीय राजाओं के सहयोग और समर्थन से ही सत्ता चलाते थे तथा अत्याचार बढ़ने पर प्रतिकार होने लगता था.
         इस प्रकार अरबों का भारत के इस्लामी करण का सपना अधूरा रहा. अब उस सपने को पूरा करने के लिए नये सिरे से प्रयत्न किये जा रहे हैं. पाकिस्तान, कश्मीर के मुजाहिदीन और भारत में बैठे उनके सहयोगी पूरे भारत में इस्लामी सत्ता स्थापित करने का अनुकूल अवसर मान रहे हैं. दूसरी ओर जनसांख्यिकी परिवर्तन द्वारा धर्मान्तरण करके लव जिहाद करके हिन्दू महिलाओं के गर्भ से जिहाद का एक बड़ा षणयंत्र पूरे विश्व के साथ-साथ भारत में तेजी से फैल रहा है, प्रतिवर्ष हजारो की संख्या में हिन्दू लड़कियों को प्रेमजाल में फसाकर उनका धर्म-परिवर्तित करवाया जा रहा है. गजवा-ए-हिंद की भविष्यवाणी उन्हे प्रेरणा दे रही है, उन्हे उनकी विजय का यकीन दिला रही है.

        पाकिस्तान में जन्में तारिक फतह जिनकी पढाई लिखाई पकिस्तान में हुई, वे बताते है कि पाकिस्तान में क्या पढ़ाया जाता है, पाकिस्तानियों की क्या मानसिकता है, और उनका उद्धेश्य क्या है, उनका भी यही कहना है कि गजवा हिन्द, मुसलमानों का उद्धेश्य है यानि भारत में सभी धर्मों को खत्म कर दारुल इस्लाम की स्थापना करना सभी भारतियों को इससे सचेत रहना चाहिए. आज भी पाकिस्तानियों का सपना है कि दिल्ली में फिर से मुग़ल काल लायेंगे, और भारत को गजवा ए हिन्द या दारुल इस्लाम इलाका बनाकर राज करेंगे इस्लाम के आलावा सभी धर्मों को खत्म किया जायेगा और बिल्कुल ईराक, ईरान, अफगानिस्तान जैसा बनाया जायेगा अर्थात शरिया से युक्त इस्लामिक राष्ट्र, जैसे ईरान पहले पर्शिया के नाम से जाना जाता था, वहां केवल पारसी और हिन्दू लोग रहते थे, इस्लाम के आगमन के बाद अब ईरान 99% इस्लामी राष्ट्र हो गया, और वर्षों पुराना पर्शिया तो शब्द ही लुप्त हो गया. उसी तरह मेसोपोटामिया था, जहाँ सिकंदर की भी मौत हुई ठी वो मेसोपोटामिया आज इराक के नाम से जाना जाता है, इस्लाम के आने के बाद वहाँ से अन्य पंत के लोगो, को साफ़ कर दिया गया, धर्मान्तरित किया गया, अन्य इस्लामिक देशों का भी यही इतिहास है यह अन्य धर्मों के इलाके थे, आज इस्लामिक देश है. हमें संकेतों को समझ कर निराकरण के लिये प्रतिबद्ध होना होगा.