रात 12 बजे मनाते हैं जन्मदिन तो हो जाएं सावधान

दिंनाक: 27 Mar 2018 16:54:57


भोपाल(विसंके). एक अजीब सी प्रथा इन दिनों चल पड़ी है रात 12 बजे शुभकामनाएं देने और जन्मदिन मनाने की. लेकिन क्या आपको पता है भारतीय शास्त्र इसे गलत मानता है. आज हम आपको यही बताने जा रहे हैं अनिष्ट हो सकता है. आजकल किसी का जन्मदिन हो शादी का सालगिरह हो या फिर कोई और अवसर क्यों ना हो, रात के 12 बजे केक काटना नया फैशन बन गया है. लोग इस बात को लेकर उत्साहित रहते हैं कि रात को 12  बजे केक काटना  है या दोस्तों का जन्मदिन रात के 12 बजे ही मनाना है. लेकिन वास्तव में अंग्रेजी तिथि अनुसार जन्मदिन या शादी की सालगिरह मनाना किसी के लिए शुभ नहीं है. इसके पीछे कुछ ऐसे कारण हैं, जिनका सीधा संबंध हमारे शास्त्रों से है. अक्सर देखा जाता है कि लोग अपना जन्मदिन 12 बजे यानि निशीथ काल (प्रेत काल) में मनाते हैं. निशीथ काल रात्री को वह समय है जो सामान्यतः रात 12 बजे से रात 3 बजे के बीच होता है. आम जन इसे मध्यरात्रि या अर्धरात्रि काल कहते हैं. शास्त्रानुसार यह समय अदृश्य शक्तियों, भूत व पिशाच का काल होता है. इस समय मैं यह शक्ति अत्यधिक रूप से प्रबल हो जाती है. हम जहां रहते हैं वहां कई ऐसी शक्तियाँ होती है. जो हमें दिखाई नहीं देतीं किंतु बहुधा हम पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं. इनसे हमारा जीवन अस्त-व्यस्त हो उठता है और हम दिशाहीन हो जाते हैं. जन्मदिन की कई-कई पार्टियों में अक्सर मदिरा व मांस का चलन भी होता है. और बाकी आम पार्टियों में गरिष्ठ चटपटे व्यंजनदार भोजन तो होता ही है ऐसे में प्रेतकाल में केक काटकर, मदिरा व मांस को सेवन करने से तामसिक व व्यंजनदार भोजन से अदृश्य शक्तियां वहां मंडराती हैं. वे प्रतिकूल असर करती हुई व्यक्ति की आयु व भाग्य में भी कमी करती हैं. और दुर्भाग्य उसके द्वार  पर दस्तक देता है. साल के कुछ दिनों को छोडकर जैसे दीपावली, नवरात्री, जन्माष्टमी व शिवरात्री पर निशीथ काल महानिशीथ काल बन कर शुभ प्रभाव देता है. जबकि अन्य समय में दूषित प्रभाव देता है. शास्त्रों के अनुसार रात के समय दी गई शुभकामनाएं प्रतिकूल फल देती हैं. हिंदू शास्त्रों के अनुसार दिन की शुरूआत सूर्योदय के साथ ही होती है और यही समय ऋषि मुनियों के तप का भी होता है. इसलिए इस काल में वातावरण शुद्ध और नकारात्मकता विहीन होता है. ऐसे में शास्त्रों के अनुसार सूर्योदय हाने के बाद ही व्यक्ति को जन्मदिन की शुभकामनाएं देनी चाहिए क्योंकि रात के समय वातावरण में रज और तम कणों की मात्रा अत्याधिक होती है और उस समय दी गई बधाई या शुभकामनाएं फलदायी ना होकर प्रतिकूल बन जाती हैं. 


साभार:- म्हारा देश म्हारी माटी