आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 31 Mar 2018 16:09:01


सम्पूर्ण राष्ट्र के प्रति आत्मीयता का भाव केवल शब्दों में रहने से काम नहीं चलेगा. आत्मीयता की प्रत्यक्ष अनुभूति होना आवश्यक है समाज के सुख-दुःख यदि हमें छू पाते हैं तो यही मानना चाहिए  कि यह अनुभूति का कोई अंश हमें भी प्राप्त हुआ है.

  - परम पूजनीय गुरु जी