मोबाइल्स का स्वास्थ्य पर असर

दिंनाक: 05 Mar 2018 18:57:48


रेडियो फ्रीक्वेंसी वेब नान आओनाइज़ेशन रेडिएशन है. जोकि एक्स-रे और अल्ट्रावायलेट रेडिएशन की तुलना में कम ताकतवर होते हैं. अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन रेडिएशन से दिमाग, सिर और गले में ट्यूमर हो सकता है या नहीं. इस संबंध में अमेरिकन केंसर सोसायटी शोधरत है. हरेक फोन से रेडिएशन निकलता है. किसी फोन से कितना रेडिएशन निकलता है यह जानने के लिए स्पेसिफिक एब्सार्बशन रेट यानि कि एसएआर एक पैमाना बनाया गया है. इससे यह पता चलता है कि किस तरह के रेडिएशन का असर मानव शरीर में रह जाता है. एसएआर. वह लेवल होता है जो कि तब निकलता है जब मोबाइल सबसे ज्यादा पावर का इस्तेमाल कर रहा होता है. मोबाइल कंपनियों को इसकी जानकारी देश के रेग्युलेटरी संस्था को देनी होती है. जर्मन फेडरल आफिस ऑफ़ डेटा प्रोटेक्शन ने एक लिस्ट बनाई है जिसमें नए व पुराने स्मार्ट फोन से निकलने वाले रेडिएशन की जानकारी दी गई है. सबसे ज्यादा रेडिएशन वाले फोन-वन प्लस हूआवी नोकिया लूमिया आईफोन 7 आईफोन 8 आईफोन 7 प्लस सोनी एक्सपीरिया एक्स ज़ेड कॉम्पैक्ट ज़ेड टी ई एक्साइज 7 मिनी ब्लेकबेरी डीटीईके 60 जर्मनी की एक एजेंसी केवल उन्हीं फोन को मान्यता देती है जिनका एब्सार्बशन लेवल 0.60 से कम होता है. ऊपर दी गई लिस्ट में सभी फोन का इससे दोगुना है. सबसे कम रेडिएशन वाले फोन- सोनी एक्सपीरिया एम 5 सैमसंग गैलेक्सी नोट 8 एस सिक्स एज प्लस 7 एज रेडियो फ्रीक्वेंसी से कैसे बचें रेडियो फ्रीक्वेंसी सबसे ज्यादा फोन के अंदर के एंटीना के पास होता है. आप अपने पास फोन जितनी देर रखेंगे नुकसान उतना अधिक होगा. इन फैक्टर का भी असर होता ही है - आप फोन कितनी देर तक इस्तेमाल करते हैं. फोन और पास के मोबाइल टावर की दूरी. मोबाइल फोन सिग्नल का ट्राफिक. ज्यादा फ्रीक्वेंसी से बचने के तरीके फोन को स्पीकर या हैंड्सफ्री मोड पर इस्तेमाल करें. कॉल से ज्यादा मैसेज पर बात करने की कोशिश करें. कम “एसएआर” वाला ही फोन खरीदा जाए फोन का रेडिएशन मालूम करने का तरीका अगर फोन का रेडिएशन चेक करना हो तो “मॉडल का मैनुअल” चेक कर सकते हैं, “फोन की वेबसाइट” पर, या “फेडरल कम्युनिकेशन कम्युनिकेशन्स कमिशन ऑफ़ यूनाइटेड स्टेट्स की वेबसाइट” पर भी देख सकते हैं.