आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 08 Mar 2018 14:50:58


मरते दम तक कार्य करते रहो – में तुम्हारे साथ हूँ, और जब में चला जाऊँगा, तो मेरी आत्मा तुम्हारे साथ काम करेगी. धन, नाम, यश और सुखभोग तो केवल दो दिन के है. संसारी कीट की भाँती मरने की अपेक्षा कर्तव्य क्षेत्र में सत्य का प्रचार करते हुए मर जाना कहीं अधिक श्रेष्ठ है – लाख गुना अधिक श्रेष्ठ है – लाख गुना अधिक श्रेष्ठ है.

आगे बढ़ो.

-स्वामी विवेकानन्द