भारत भूमि नहीं, अपितु मातृभूमि है : इन्द्रेश कुमार जी

दिंनाक: 02 Apr 2018 17:52:19


भोपाल(विसंके). संस्था समर्थ स्वराज एवं कलाम हाउस द्वारा आयोजित “सांस्कृतिक राष्ट्रवाद” विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम संपन्न हुआ. कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक  संघ के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य इन्द्रेश कुमार जी ने कहा कि जाति व्यवस्था कभी भारत में रही ही नहीं. अंग्रेजों ने कूटनीतिक षड़यंत्र करके हमें बांटने के लिए जाति व्यवस्था लागू की. दुनिया में हमें जाति, धर्म, पंथ, कार्य के आधार पर नहीं जाना जाता.  हमें हमारी राष्ट्रीयता  के आधार पर पहचाना जाता है. विश्व का सर्वमान्य सिद्धांत राष्ट्रीयता है भाषा परंपरा के आधार पर हम सब की एक ही माँ भारत माता है. भारत माता ने हमारे जीवन के सम्पूर्ण पोषण की व्यवस्था की है. श्री इन्द्रेश जी ने कहा कि हमारे क्रांतिकारियों ने विभाजित भारत के लिए अपना बलिदान नहीं दिया था. कांग्रेस के कारण भारत को खंडित आजादी प्राप्त हुई है .
कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए आयोजक मनोरंजन मिश्र ने कहा कि राष्ट्रवाद हमारी सनातन परंपरा का अंग है वेदों  में भी राष्ट्रवाद का उल्लेख मिलता है. सांस्कृतिक राष्ट्रवाद हमारी गौरवशाली परंपरा का परिचायक है . देश के अन्दर कम्युनिष्टों ने बौद्धिक रूप से हमारी संस्कृति को खंडित करने का प्रयास किया है. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि सभी को सामजिक समरसता के लिए प्रयास करने होंगे. हमें उस तबके को उठाने का सामूहिक प्रयास करना होगा जो गरीब अशिक्षित एवं लाचार है. विशिष्ट अतिथि के रूप में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार श्री उदयनारायण शुक्ल उपस्थित रहे.