राधारमण ग्रुप में आरोग्य भारती का 'स्वस्थ जीवनशैली' विषय पर सेमिनार का आयोजन

दिंनाक: 05 Apr 2018 17:11:24


भोपाल(विसंके). राधारमण इंस्टीट्यूट में आज 'स्वस्थ जीवनशैली' विषय पर सेमिनार का आयोजन हुआ। व्याख्यान में आरोग्य भारती नामक संगठन के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों और फैकल्टी समेत सभी को एक बेहतर और स्वस्थ जीवनशैली के निर्माण से जुड़ीं कई महत्वपूर्ण बातें बताईं और छोटे-छोटे मगर बड़ी उपयोगिता रखने वाले टिप्स भी दिए, जैसे कि सुबह की शुरूआत गर्म पानी के सेवन से करनी चाहिए; भोजन के बाद फलों का सेवन हानिकारक हो सकता है, आदि। संस्था ने अपनी मुहिम का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए संदेश दिया कि हम प्रकृति के जितना निकट रहेंगे, उतने ही स्वस्थ रहेंगे। संस्था की ओर से संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता और संगठन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अशोक वार्ष्णेय ने कहा कि दैनिक जीवन में छोटे-छोटे नियमों के अनुसरण से बड़े-बड़े रोगों से दूर रहा जा सकता है।


डॉ. वार्ष्णेय ने बताया कि व्यक्ति को विरुद्ध आहारों जैसे कि ठंडे और गरम आहारों को साथ ग्रहण करने से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि रात में दही का सेवन, घी और शहद का साथ में सेवन आदि वर्जित हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रात में सोने से कम से कम 2 घंटे पहले भोजन कर लेना चाहिए और सुबह के खाने के बाद तेजी से नहीं टहलना चाहिए। युवाओं को खास संदेश देते हुए उन्होंने टीवी और मोबाइल फोन पर कम से कम समय खर्च करने की सलाह दी और पढ़ाई या अन्य कामों के दौरान अपने शरीर की स्थिति या पॉस्चर को सीधा रखने का सुझाव दिया। योग और ध्यान की महत्ता पर चर्चा करते हुए उन्होंने मानसिक शांति की प्राप्ति के लिए विधिवत योगाभ्यास करने के लिए कहा।

राधारमण समूह के चेयरमैन श्री आर. आर. सक्सेना और समूह के निदेशक डॉ. जे. एल. राणा भी कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे। दोनों ही गणमान्य अतिथियों ने आरोग्य भारती के डॉ. अशोक वार्ष्णेय  एवं मिहिर कुमार झाको स्मृति चिह्न भेंट किया। धन्यवाद ज्ञापन देते हुए श्री सक्सेना ने कहा कि आजकल की तनावपूर्ण जीवनशैली में देश की युवा पीढ़ी को योग, ध्यान और प्राकृतिक माध्यमों से जीवनशैली को स्वस्थ रखने का संदेश देना महत्वपूर्ण है। इस जिम्मेदारी का भान रखते हुए राधारमण समूह भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों के लिए प्रयासरत रहेगा.