आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 05 Apr 2018 16:25:07


सम्पूर्ण व शक्तिशाली हिन्दू समाज यही हम सबका एकमात्र श्रद्धास्थान होना चाहिए.

जाति, भाषा, प्रान्त, पक्ष ऐसी सभी विचारो को समाज भक्ति के बीच में नहीं आने देना चाहिए.

     - परम पूजनीय गुरूजी