जाने वजन कैसे कम होता है - अशोक बरोनिया

दिंनाक: 09 Apr 2018 15:00:29


भोपाल(विसंके). हम जब कसरत करते हैं तो हमारे शरीर की चर्बी कम होती है। प्रश्न है कि यह चर्बी जाती कहां है? दरअसल चर्बी कार्बन डाइऑक्साइड और पानी में बदल जाती है। इस कारण शरीर के मुख्य उत्सर्जन अंग फेफड़े का सबसे जरूरी काम शुरू हो जाता है। हमारे शरीर से पानी, पेशाब, पसीना, सांस और अन्य तरल पदार्थों के रूप में बाहर निकलता है। अगर कोई 10 किलो चर्बी कम करता है तो इसका 8.4 किलो कार्बन डाइऑक्साइड के माध्यम से और शेष 1.6 किलो पानी के रूप में बाहर निकलता है। इसका सीधा मतलब है कि हम जो वजन कम करते हैं उसे हम सांस के रूप में छोड़ते हैं। रिसर्च में यह भी सामने आया है कि हम जो खाते हैं वजन के लिए उसमें जितना ऑक्सीजन लेते हैं वह भी शामिल होता है। अगर शरीर में 3.5 किलो खाना और पानी आता है तो इस दौरान 500 ग्राम लिया गया ऑक्सीजन भी शामिल किया जाएगा। तो चर्बी कम करने में शरीर से 4 किलो बाहर जाना चाहिए। अन्यथा शरीर का वजन बढ़ने लगेगा। प्रश्न उठता है कि वजन कम करने के लिए क्या करें?  वजन कम करने के लिए वसा कोशिकाओं से कार्बन बाहर निकालने की आवश्यकता होती है। हम जब सांस छोड़ते हैं तो कार्बन बाहर निकलता है। लेकिन अगर ज्यादा सांस लेंगे कार्बन निकालने के चक्कर में तो हाइपर्वेन्टलेशन हो जाएगा, चक्कर आएंगे और बेहोश भी हो सकते हैं। इसीलिए इसका एकमात्र तरीका जिससे आपके शरीर से कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा कम की जा सकती है वह है मांसपेशियों की गतिविधियों को बढ़ाना। इसलिए वजन कम करने के लिए कसरत आवश्यक है। लेकिन और भी तरीके हैं जिससे हम कार्बन उत्सर्जित कर सकते हैं। एक 75 किलो वजन वाला व्यक्ति सामान्यतः आराम के वक्त 590 ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्पन्न करता है। सोते समय करीब 200 ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित होता है, केवल खड़े होने और तैयार होने से शरीर की मेटाबॉलिक दर दुगनी हो जाती है। टहलने जाने, खाना पकाने और घर की सफाई में यह दर तीन गुना तक हो जाती है। अतः सीधा सिद्धांत है कि कम खाएं और शरीर को अधिक से अधिक चलाने मात्र से भी वजन कम किया जा सकता है। साथ ही जरूरी है कि ऐसा आहार लें जिससे शरीर में कम ऊर्जा आए। इसलिए मेरा सिद्धांत है कि कम खाओ, गम खाओ और खूब पैदल चलो।