प्रावीण्य सूची में विद्याभारती के 69 विद्यार्थी

दिंनाक: 15 May 2018 23:32:18
प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान 

भोपाल(विसंके).  मध्यप्रदेश के माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षा (कक्षा 10वीं और 12वीं) के परिणाम आ गए हैं। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्याभारती के भैया-बहिनों ने प्रावीण्य सूची में बड़ी संख्या में स्थान प्राप्त कर सबका ध्यान आकर्षित किया है। प्रावीण्य सूची में शामिल 263 विद्यार्थियों में से विद्याभारती के 69 विद्यार्थी हैं। विद्याभारती ने सोमवार को प्रदेश की प्रावीणय सूची में स्थान प्राप्त विद्यार्थियों का प्रतिभा अभिनंदन समारोह आयोजित किया। शारदा विहार परिसर में आयोजित “प्रतिभा अभिनन्दन समारोह में सभी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया।
विद्याभारती द्वारा काला पीपल, शाजापुर में संचालित सरस्वती विद्या मंदिर के भैया हर्षवर्धन परमार ने कक्षा 10वीं की प्रावीण्य सूची में 500 अंकों में से 495 अंक लाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में कक्षा 10वीं में लगभग 11 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इसके साथ ही सरस्वती शिशु मंदिर, विंध्य कालोनी, उमरिया के भैया प्रभात शुक्ला ने 494 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। सरस्वती शिशु मंदिर, बुरहानपुर के भैया चितवन नाईक ने 493 अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त कर पूरे प्रदेश में विद्याभारती का नाम रोशन किया है।
उल्लेखनीय है कि कक्षा 10वीं में प्रथम से लगाकर 10वें स्थान तक विद्याभारती के 62 भैया/बहिनों ने प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा है। इसके साथ ही कक्षा 12वीं की प्रावीण्य सूची में विद्याभारती के 7 भैया-बहिनों ने बाजी मारी है। भैया-बहिनों की इस उपलब्धि पर भोपाल स्थित शारदा विहार आवासीय विद्यालय में प्रतिभा अभिनन्दन समारोह का आयोजन किया गया। इन सभी छात्र-छात्राओं को प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
समारोह में अतिथि के रूप में भोजमुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रविन्द्र कान्हेरे ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त कर समाज के लिए कार्य करें। राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा कि आज के समय र्में आइटी कंपनी की ग्रोथ कम हो रही है क्योंकि भारत की अधिकतर जनसंख्या गांव में निवास करती है इसलिए उनकी अंग्रेजी भाषा काम नहीं आ रही है। वह कंपनियों अब अपनी ग्रोथ के लिए मातृ भाषा एवं क्षेत्रीय भाषा पर बल दे रही हैं।प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान अवसर पर विद्याभारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गोविन्द प्रसाद शर्मा ने बताया कि प्रतिभा सूर्य के समान होती है, जो जीवन की विभिन्न कठिनाईयों में संघर्ष कर परिस्थितियों को अपने अनुकूल बना लेती हैं, उनके जीवन पुष्प की सुगंध अपने लिए न होकर समाज के लिए होती है। ऐसी प्रतिभाएँ समाज की धरोहर हैं। विद्याभारती के आचार्य परिवार ने इतनी मेहनत से इन प्रतिभाओं का सृजन कर छात्रों के उज्जवल भविष्य का निर्माण किया है, वह आज हमारे समाने है। 

उल्लेखनीय है कि विद्याभारती शिक्षा के क्षेत्र में एक विचार को लेकर कार्य कर रही है। “शिक्षण के लिए आइए, सेवा के लिए जाइए” यह विचार विद्याभारती के समस्त विद्यालयों के द्वार पर अंकित है। विद्याभारती कहती है कि हम ऐसे भैया/बहिनों का निर्माण करेंगे, वह समाज एवं देश के लिए समर्पित हों। एक आदर्श समाज के लिए आदर्श नागरिक बनाना, यही विद्याभारती का लक्ष्य रहा है।
कार्यक्रम का संचालन श्री रामकुमार भावसार एवं आभार श्री प्रकाश रोकड़े द्वारा किया गया। कार्यक्रम में श्री भालचन्द्र रावले (क्षेत्रीय संगठन मंत्री विद्या भारती मध्यक्षेत्र) श्री कांतिलाल चतर (अध्यक्ष ग्रामभारती), श्री हितानन्द शर्मा (संगठन मंत्री मध्यभारत प्रांत) एवं विद्याभारती के पदाधिकारी एवं पूर्णकालिक कार्यकर्ता तथा छात्रों के अभिभावक एवं विद्यालय के प्राचार्यगण आदि उपस्थित थे।