सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय में प्रारम्भ हुआ आचार्य विकास वर्ग

दिंनाक: 21 May 2018 20:15:43


भोपाल(विसंके). सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा आयोजित विद्या भारती मध्य भारत प्रान्त के शिवपुरी विभाग के नव चयनित आचार्यों का विकास वर्ग सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय शिवपुरी में प्रारंभ हुआ ।
इस वर्ग के उद्घाटन समारोह में मुख्य वक्ता श्री हितानंद जी शर्मा प्रांतीय संगठन मंत्री विद्या भारती, अध्यक्षता श्री कुंजबिहारी जी चतुर्वेदी सचिव, तात्याटोपे बाल कल्याण समिति, शिवपुरी तथा विशिष्ट अतिथि श्री ज्ञान सिंह जी कौरव शिवपुरी विभाग समन्वयक रहे ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री हितानंद जी ने कहा कि भारत देश की यह धरती केवल एक टुकड़ा मात्र नहीं है यह पुण्य भूमि है जिसकी संस्कृति आदिकाल से सकल विश्व में विख्यात है जो सदा एकात्म मानववाद का भाव प्रदान करती है यह भूमि भाव प्रधान भूमि है जिसका उदाहरण स्वामी विवेकानंद के शिकागो से आगमन के बाद भारत में आते ही मातृभूमि की मिट्टी में लोट जाते है यहाँ के पर्वत, नदी, महासागर, नगर, वेद-पुराण, ऋषि-मुनि, ज्ञान-विज्ञान आदि सदैव इसकी गाथा गाते हैं, इसलिए हमारा कर्तव्य बनता है कि हम इसकी रक्षा के लिए तैयार रहें ।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती , भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया । मंचस्थ अतिथियों का परिचय  वर्ग संयोजक श्री राकेश जी समाधिया ने एवं अतिथि स्वागत वर्ग महाप्रबंधक एवं  सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय के प्राचार्य श्री जितेन्द्र परसाई ने तिलक लगाकर एवं श्रीफल भेंटकर किया, श्री महावीर जी गौर द्वारा व्यक्तिगत गीत प्रस्तुत किया गया ।

 



यह विकास वर्ग विद्याभारती की योजनानुसार दिनाँक 20 मई से 28 मई तक चलेगा जिसमें नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों में नवचयनित आचार्य - दीदीयों को प्रशिक्षण देने के लिए लगाया गया है, जिसमें नगरीय 26 एवं ग्रामीण 22 प्रशिक्षार्थी भाग ले रहे हैं जिसमें वे शिक्षण की बारीकियों के साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए शारीरिक, योग, व्यायाम, बौद्धिक, तकनीकी आदि में अपने आप को निखारने के गुण सीखेंगे जिसके लिए उनके विभिन्न सत्र लगाये जायेंगे ।

इस वर्ग के मुख्य शिक्षक श्री हिम्मत सिंह जी चैहान है ।

इस अवसर पर जिला प्रमुख ग्राम भारती श्री उत्तम सिंह जी कुशवाह सहित अन्य पदाधिकारी एवं व्यवस्था में लगे समस्त आचार्य उपस्थित रहे ।