आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 25 May 2018 14:29:32


पड़ोसी का महल देखकर अपनी झोपड़ी तोड़ डालने वाला महल तो बना नहीं सकता, अपनी झोपडी भी खो बैठता है.

    -  लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल