नर्मदा को सिर्फ पूजें नहीं, उसे बचाएं: वेगड़

दिंनाक: 26 May 2018 16:21:14


भोपाल(विसंके). ख्यातिलब्ध लेखक और पर्यावरणविद् श्री अमृतलाल वेगड़  ने कहा कि नदियों को सिर्फ पूजने के बजाए उनको बचाने की जरूरत है। हम नर्मदा को मां कहते हैं किंतु हमने उसका क्या हाल बना रखा है, यह किसी से छिपा नहीं है। हमारी कथनी और करनी में अंतर ही वह एकमेव कारण है, जिसके कारण हम एक हजार साल तक गुलाम रहे। यह प्रवृत्ति आज भी कम नहीं हुयी है।


      श्री वेगड़ ने यह विचार माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की ओर से डी. लिट. (विद्या वाचस्पति) की मानद उपाधि से सम्मानित किये जाने के अवसर पर व्यक्त किये। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति एवं विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष श्री वैंकैया नायडू ने श्री वेगड़ को डी. लिट. की मानद उपाधि दिए जाने की घोषणा की थी। स्वास्थ्यगत कारणों से श्री वेगड़ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में नहीं आ सके थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्णय लिया था कि श्री वेगड़ के निवास पर जाकर कुलपति श्री जगदीश उपासने उन्हें यह अलंकरण प्रदान करेंगे। जबलपुर में अपने आवास आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमने हर विषय पर ऊंची-ऊंची बातें तो कीं पर कर्म का खाता खाली है। इसलिए हमें नर्मदा सहित अपनी सभी नदियों की पूजा करने, दीप जलाने के साथ उनकी स्वच्छता और निर्मल प्रवाह को बनाए रखने के लिए खास प्रयास करने होंगे।

         इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति श्री जगदीश उपासने ने कहा कि श्री वेगड़ हमारी ऋषि परंपरा के उत्तराधिकारी हैं। उन्होंने अपना समूचा जीवन लोकसंचार के लिए समर्पित कर दिया। वे सच्चे संचारकर्ता हैं, क्योंकि कोई भी संचार समाज के लिए होता है और वही संचार सार्थक है, जिसमें लोकमंगल की भावना निहित हो। उनका पूरा जीवन ही एक सार्थक संचार है। उन्हें सम्मानित कर विश्वविद्यालय पर्यावरण और नदी संरक्षण से जुड़ी उनकी चिंताओं को अकादमिक प्रतिष्ठा दिलाने का प्रयास भी करेगा। जबलपुर की महापौर सुश्री स्वाति गोडबाले ने इस अवसर श्री वेगड़ को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे जबलपुर के गौरवपुरूष और हमारे प्रेरणाश्रोत हैं। उनकी प्रेरणा और प्रोत्साहन से मां नर्मदा के प्रति सामाजिक समझ बढ़ी है। उन्होंने कहा कि श्री  वेगड़ ने नदियों के संरक्षण के विषय को राष्ट्रीय फलक पर स्थापित कर दिया है।

 

नर्मदा रेखांकन का लोकार्पणः

समारोह में श्री वेगड़ की इच्छानुसार उनके नर्मदा के रेखांकन पर केंद्रित प्रकाशन नर्मदा रेखांकन का लोकार्पण कुलपति श्री जगदीश उपासने ने किया। पुस्तक में अद्भुत नदी नर्मदा की परिक्रमा पर आधारित रेखाचित्र हैं। इन रेखांचित्रों में नर्मदा के बहुआयामी सौंदर्य को रेखांकित किया गया है।         

      कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति श्री जगदीश उपासने, कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा और कुलसचिव प्रो. संजय द्विवेदी ने श्री वैद्य को डी. लिट. की उपाधि से सम्मानित किया। मंच पर उनकी पत्नी श्रीमती कांता बेन वेगड़ भी उपस्थित थीं। इसके पूर्व कुलपति श्री उपासने ने उन्हें डी. लिट. की मानद उपाधि दिए जाने की विधिवत घोषणा की। कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा ने प्रशस्ति पत्र का वाचन किया। कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव प्रो.संजय द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री डीएम धर्माधिकारी, डा. जितेंद्र जामदार, विश्वविद्यालय की महापरिषद के सदस्य श्री प्रशांत पोल सहित जबलपुर के मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिकगण, विश्वविद्यालय के विधि अधिकारी श्री ललित जोगलेकर आदि उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन सहायक कुलसचिव श्री गिरीश जोशी ने व्यक्त किया।