समाज के अंतिम व्यक्ति का सर्वांगीण विकास ही विद्याभारती का लक्ष्य - उत्तम सिंह

दिंनाक: 30 May 2018 15:07:11


भोपाल(विसंके). शिवपुरी - विद्या भारती का मूल लक्ष्य यह है, कि हमें ऐसी पीढ़ी का निर्माण करना है, जिसमें राष्ट्र के प्रति गौरव का भाव हो। विद्यार्थियों का संबंध देश की माटी और संस्कृति से जुड़े, विद्या भारती का स्पष्ट मत है कि जिस देश की शिक्षा पद्धति में जीवन मूल्य और संस्कार नहीं है , वह शिक्षा पद्धति राष्ट्र के अनुकूल नहीं है इसलिए यहाँ कहा गया है, ‘‘ शिक्षार्थ आईये - सेवार्थ जाईये ‘‘ । यह बात श्री उत्तम सिंह कुशवाह विभाग ग्राम भारती प्रमुख ने सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा आयोजित शिवपुरी विभाग के आचार्य विकास वर्ग के समापन समारोह में कही ।
यह वर्ग सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय में विगत सप्ताह में आयोजित किया गया था जिसका समापन समारोह प्रकटोत्सव के रूप में मनाया गया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री ज्ञान सिंह कौरव विभाग समन्वयक शिवपुरी विभाग विद्या भारती मध्यभारत प्रान्त , मुख्य वक्ता श्री उत्तम सिंह कुशवाह विभाग एवं जिला प्रमुख ग्रामभारती तथा अध्यक्षता श्री मैथिली शरण मिश्रा जी के द्वारा की गई ।
कायर्क्रम का शुभारंभ मंचस्थ अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर सरस्वती वंदना से किया गया । इस दौरान अतिथियों का परिचय वर्ग संयोजक श्री राकेश समाधिया , स्वागत कु.कल्पना लाक्षाकार एवं श्री चतुर सिंह द्वारा तिलक लगाकर एवं श्रीफल भेंट कर किया गया । इस अवसर पर वर्ग की हस्तलिखित पत्रिका उत्कर्ष एवं ग्रामोत्थान का विमोचन किया गया जिसके संपादक कपिल दुबे एवं आकाश दाँगी थे।

 

 

वर्ग प्रतिवेदन श्री राकेश समाधिया ने  प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह आचार्य विकास वर्ग विद्याभारती की योजनानुसार सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा मध्यभारत प्रान्त के शिवपुरी विभाग का सात दिवसीय सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय में लगाया गया जिसमें प्रतिदिन प्रेरणा सत्र में वर्गर्थियों को विद्या भारती के अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया जिनमें श्री हितानंद जी शर्मा प्रान्तीय संगठन मंत्री ने पूण्यभूमि भारत, श्री राजेश भार्गव ने जिलाकार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हमारी मातृ संस्था, श्रीमती सुनीता पाण्डेय क्षेत्रीय बालिका शिक्षा प्रमुख ने बालिका शिक्षा, श्री पुरुषोत्तम जोशी क्षेत्र प्रमुख सेवा क्षेत्र की शिक्षा ने आचार्यत्व वृत है व्यवसाय नहीं, श्री रूपेश  विश्वकर्मा प्रान्त प्रमुख ग्राम भारती ने हमारा संगठन विद्याभारती, श्री श्री जितेंद्र पाठक प्राचार्य स.वि. मं. पिछोर ने वंदना एवं प्रार्थना, श्री ज्ञानसिंह कौरव विभाग समन्वयक शिवपुरी ने आदर्श पाठ योजना विषयों पर अपना प्रबोधन दिया । इस दौरान पंचकोशीय विकास की संकल्पना को ध्यान में रखते हुए अनेक प्रकार की प्रतियोगिता एवं खेलों का भी आयोजन किया गया जिनमें अंत्याक्षरी, प्रश्नमंच, भजन एवं लोकगीत गायन, राष्ट्रीय एवं गण गीत गायन ध्वज स्थल सज्जा , हस्तलिखित पत्रिका निर्माण प्रतियोगिता के साथ  प्रयोग आधारित शिक्षण , खेल, योग, आसान, सूर्यनमस्कार, समता आदि का प्रशिक्षण दिया गया जिसके प्रकटोत्सव कार्यक्रम में श्री दिलीप शर्मा के मार्गदर्शन में योग, श्री चतुरसिंह के मार्गदर्शन में पिरामिड निर्माण, श्री मुकेश के मार्गदर्शन में खेल जिसमें कुर्सी दौड़, गुब्बारा युद्ध, आदि रहे , श्रीमती ऊषा बघेल के मार्गदर्शन में दहेज प्रथा समाज को अभिशाप पर लघुनाटिका, डांडिया कु. कल्पना लाक्षाकार के मार्गदर्शन में तथा व्यायाम योग एवं विज्ञान प्रयोग श्री विपिन जी राजपूत के मार्गदर्शन में तथा सामूहिक गीत गायन एवं सफल संचालन श्री महावीर के मार्गदर्शन में किया गया ।इस अवसर पर श्रीमती आरती तिवारी ने अमृत वचन प्रस्तुत किया ।


अध्यक्षीय भाषण में श्री मैथिली शरण जी मिश्रा ने कहा कि विद्या भारती का लक्ष्य रट्टू तोता बनाना नहीं बल्कि भैया - बहिनों का सर्वांगीण विकास करना है इसी को ध्यान में रखकर इस प्रकार के वर्गों से आचार्यों को प्रशिक्षित करना समाज के लिए अनुकरणीय है ।

कार्यक्रम के अंत में वर्ग के महाप्रबंधक एवं सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय के प्राचार्य श्री जितेन्द्र परसाई ने आभार व्यक्त किया ।