माइक्रोसॉफ्ट की नौकरी छोड़ अब बच्चों को दे रहे संस्कारों की शिक्षा

दिंनाक: 31 May 2018 17:00:09


भोपाल(विसंके). संस्कार व्यक्ति की पहचान है। इससे उसका व्यक्तित्व निखरता है। अच्छा व्यक्तित्व उसके संस्कार से ही आता है। हमारा घर संस्कार की पाठशाला है। बच्चे पहले संयुक्त परिवार में रहते थे। उन्हें संस्कारों की शिक्षा अपने आप मिल जाती थी। अब हालात बदल रहे हैं। माता-पिता के पास बच्चों को देने के लिए समय बहुत कम हैं। अभिभावक बच्चों की अकादमिक शिक्षा के विषय में तो सोचते हैं, लेकिन चरित्र निर्माण के बारे में नहीं। यह कहना है शिविर के मुख्य प्रशिक्षक प्रकाश छाबड़ा का, जो जैन धर्म व संस्कारों की शिक्षा देने के लिए इंदौर से भोपाल आए हैं। इन्होंने यूएस में माइक्रो सॉफ्ट कंपनी की नौकरी छोड़ दी, जबकि उन्हें 84 लाख रुपए सालाना का पैकेज मिलता था। दरअसल, छाबड़ा अखिल भारतीय दिगंबर जैन युवा फेडरेशन और सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित शिविर में बच्चों को संस्कारों की शिक्षा देंगे। यह शिविर 31 मई से 6 जून तक चलेगा। बच्चों के चरित्र निर्माण के लिए छाबड़ा यूएसए से इंदौर आए हैं। शिविर को-ऑर्डिनेटर महक सोगानी ने बताया कि प्रकाश छाबड़ा, जैन धर्म की शिक्षा उबाऊ उपदेशों के माध्यम से नहीं, बल्कि आधुनिक संसाधनों के साथ रोचक तरीके से देते हैं। 


हमारी प्राथमिकता बच्चों का चरित्र निर्माण 

छाबड़ा ने बताया कि वे बिल गेट्स की कंपनी माइक्रोसॉफ्ट कार्पोरेशन के न्यू इन्वेंशन और रिसर्च टीम का हिस्सा रहे हैं। वे सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में वर्ष-2006 में यूएस में रहे। बाद में उन्होंने यूएस की नागरिकता छोड़ भारत आ गए। संस्कृत और अन्य दर्शन की पढ़ाई की। जैन धर्म की किताबें वे शुरू से पढ़ रहे थे। बाद में सोचा हम सबका समाज के प्रति भी कर्तव्य है कि हमें जो मिला है, उसका कुछ हिस्सा वापस लौटाया जाए। बड़े-बड़े शिक्षण संस्थानों में नौकरी और व्यवसाय करने की शिक्षा तो मिलती है, लेकिन चरित्र निर्माण में हम पिछड़ जाते हैं, जो आज के समय की जरूरत है। 
500 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन : भोपाल में पहली बार शिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। यह शिविर 31 मई से 6 जून तक चौक जैन मंदिर रोड स्थित श्री दिगंबर जैन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में लगाया जाएगा। आयोजन समिति के मोहित बड़कुल जैन ने बताया कि शिविर में पांच सौ बच्चों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। शिविर सुबह 7 से रात्रि 9 बजे तक चलेगा, जिसके अलग-अलग सेशन रहेंगे। 
इस नि:शुल्क शिविर में बच्चों और उनके अभिभावकों के लाने व छोड़ने के लिए वाहन की व्यवस्था भी की गई है। 

    साभार :- नईदुनियाजागरणडॉटकॉम