आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 08 May 2018 15:54:57


भोपाल(विसंके). जब अहंकार अपनी शक्ति के भिन्न-भिन्न पदार्थ उत्पन्न करने लगता है, तब उसी में एक बार तमोगुण का उत्कर्ष होकर एक ओर इंद्रिय-सृष्टी की मूलभूत ग्यारह इंद्रियाँ उत्पन्न होती हैं और दूसरी ओर उससे निरिन्द्रिय-सृष्टी के मूलभूत पांच द्रव्य उत्पन्न होते हैं. परन्तु प्रकृति की सूक्ष्मता अब तक स्थिर रही है, अत: अहंकार से उत्पन्न ये सोलह तत्व ही रहते हैं.


    -लोकमान्य बालगंगाधर तिलक