53 की उम्र में बनाया योग का गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड

दिंनाक: 21 Jun 2018 16:32:21

युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बनीं योगाचार्य डॉ.पूर्णिमा दाते


भोपाल(विसंके). मन में कुछ करने का जज्बा हो तो उम्र और परिस्थिति कभी आड़े नहीं आती। ईमानदारी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहो, देरी से ही सही पर सफलता मिलेगी जरूर। कुछ ऐसी ही सोच है शहर की डॉ. पूर्णिमा दाते की। 53 वर्षीय डॉ. पूर्णिमा ने बीते 15 जून को रामपुर (हिमाचल प्रदेश) में हुई योग प्रतियोगिता में 50 वर्ग से ऊपर के आयुवर्ग में 10 मिनट तक पूर्ण मत्स्येंद्र आसन मेंटेन कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। कॉम्पिटीशन में देशभर से 16 लोगों ने भाग लेकर रिकॉर्ड बनाया है। मप्र से डॉ. पूर्णिमा के अलावा सीधी जिले के रहने वाले लवसिंह चौहान ने चक्रासन मैराथन में एक मिनट 20 सेकंड में सौ मीटर की दूरी पार करके विश्व रिकॉर्ड बनाया है।


पेशे से योगाचार्य डॉ. पूर्णिमा ने योग दिवस पर युवाओं को संदेश दिया है कि युवा अपनी दिनचर्या को इस तरह से मेंटेंन करें कि वे योग कर सकें। अनियमित जीवनशैली, सोशल मीडिया की लत युवाओं की जिंदगी बिगाड़ रही है। योग ही एकमात्र ऐसी विधा है, जो मानसिक, शारीरिक स्वास्थ्य के साथ जीवन को सही दिशा दे सकती है।

-10 साल से कर रही थीं प्रैक्टिस

योग एवं रसाहार शोध समिति, भोपाल की डायरेक्टर डॉ. पूर्णिमा योग में एमएससी और पीएचडी हैं। योग पर उनके 4 रिचर्स पेपर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हो चुके हैं। लोगों को समस्या के हिसाब से योग का परामर्श देने के कार्य के साथ वे पिछले 10 साल से पूर्ण मत्स्येंद्र आसन की प्रैक्टिस कर रहीं थीं। पूर्णिमा का कहना है कि कॉम्पिटीशन में भाग लेकर रिकॉर्ड बनाने से ज्यादा महत्वपूर्ण यह कि इस बहाने लोग योग से जुड़ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर होने वाला योग अभ्यास भी इसी का उदाहरण है। पर्यावरण संरक्षण और बॉडी फिटनेस का संदेश देने पूर्णिमा कुल्लू से लद्दाख तक साइकलिंग भी कर चुकी हैं।

साभार:- नवदुनिया