राष्ट्र सेविका समिति प्रवेश वर्ग समापन – सोना बना कुंदन

दिंनाक: 04 Jun 2018 17:01:58


नई दिल्ली(विसंके). राष्ट्र सेविका समिति के प्रवेश वर्ग में आईं लगभग 300 बालिकाएं, किशोरियां और महिलाएं 15 दिन के प्रशिक्षण शिविर में सोने से कुंदन बनकर निखरींI 19 मई को जब वो प्रवेश वर्ग में आईं थीं तो उन्हें यह अंदाज भी नहीं था की वो यहां से वे अपना शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास एक साथ कर सकती हैंI पंद्रह दिन यहां रहकर उन्होंने न केवल अपने देश की महान संस्कृति के बारे में जानकारी प्राप्त की बल्कि देश की महान विभूतियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त कीI प्रवेश वर्ग में 14 वर्ष से लेकर  लगभग 55 वर्ष तक आयु सीमा होती हैI यहां एक साथ रहकर उन्होंने सामाजिक समरसता, आत्मनिर्भरता,आत्मरक्षा और आत्म स्वाभिमान जैसे गुण सीखेI

15 दिन के प्रवेश वर्ग का आज समापन था, समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता शहीद राजगुरु कॉलेज ऑफ़ अप्लाइड साइंसेज फॉर वीमेन की प्रिंसिपल डॉ. पायल मग्गो ने कीI उन्होंने कहा कि आज के समाज में महिलाओं की जो रक्षात्मक स्थिति है ऐसे वर्गों से उनका सशक्तिकरण होता है, जिसके माध्यम से वो समाज को सही दिशा देने में सक्षम होती हैंI इसके लिए कोई अलग से नीति बनाने की आवश्यकता नहीं है, हमें  महत्वपूर्ण शिक्षा देकर उन्हें सशक्त करना चाहिएI उसके बाद बालिकाओं को जो करना है उसे वह स्वयं तय करेंगीI इस वर्ग से जो छात्राएं निकलेंगी यह तय है कि वो अपनी रक्षा स्वयं कर सकेंगीI

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता अखिल भारतीय तरुणी प्रमुख सुश्री भाग्यश्री साठे ने कहा की यह प्रवेश वर्ग बालिकाओं और महिलाओं के जीवन को नयी दशा और दिशा देते हैंI छोटी बालिकाओं के मन मस्तिष्क में जो बीज बो दिया जाता है वही उनकी जीवन यात्रा का मजबूत आधार बनता हैI वे यह सीखकर जाती हैं की जीवन केवल अपने लिए नहीं होता बल्कि वह समाज और देश के लिये भी होता हैI जिस तरह का प्रशिक्षण शिविर में दिया जाता है वो अच्छे नागरिकों का निर्माण करता है जो देश के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होता हैI
राष्ट्र सेविका समिति की दिल्ली प्रान्त कार्यवाहिका श्रीमती सुनीता भाटिया ने कहा कि हमारे शिविर महिलाओं के भीतर छुपी शक्ति और प्रतिभा को ऐसे ही जागृत करते हैं जैसे कि जामवंत जी ने हनुमान जी की प्रतिभा को जागृत किया थाI


राष्ट्र सेविका समिति भारत का ही नहीं बल्कि विश्व का सबसे बड़ा महिला संगठन हैI यह पिछले 82 वर्षों से महिलाओं में मातृत्व, नेतृत्व और कृतित्व के गुण विकसित कर रहा है और साथ ही देश के चतुर्मुखी विकास में अमूल्य योगदान दे रहा हैI वर्ग में बालिकाओं ने नियुद्ध, (जूडो-कराटे), योग, चाप कला, दंड प्रहार, छुरी प्रहार, बाइक स्टंट के सुन्दर प्रदर्शन से सभी को हर्षित कर दिया I

पूर्वी दिल्ली स्थित गीता बाल भारती विद्यालय में संपन्न शिक्षा वर्ग समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. निरुपमा गोयल, वर्गाधिकारी डॉ. सीमा कपिला, वर्ग कार्यवाहिका विदुषी शर्मा, प्रान्त प्रचारिका विजया शर्मा, अभिभावक गण के साथ बड़ी संख्या में सम्मानित नागरिक उपस्थित थे.