आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 13 Jul 2018 13:48:22


गुण कोई किसी को नहीं सिखा सकता. दूसरे के गुण लेने या सीखने की जब भूख मन में जागती है, तो गुण अपने आप सीख लिए जाते हैं.


  • महर्षि अरविन्द