आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 20 Jul 2018 16:14:57

 


अपना धर्म , अपनी संस्कृति अथवा अपनी सभ्यता छोड़कर दूसरों की नक़ल करने से कल्याण की संभावनाएं समाप्त हो जाती हैं।

 - श्रीराम शर्मा आचार्य