यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साईट में शामिल है, प्राचीन निर्माण कला का अद्भुत कोणार्क मंदिर

दिंनाक: 11 Aug 2018 16:10:50


भोपाल(विसंके). कोणार्क का सूर्य मंदिर पुरी के उत्तर पूर्वी किनारे पर समुद्र तट के क़रीब निर्मित है.कोणार्क शब्द, कोण और अर्क शब्दों के मेल से बना है। अर्क का अर्थ होता है सूर्य जबकि कोण से अभिप्राय कोने या किनारे से है। कोणार्क का सूर्य मंदिर पुरी के उत्तर पूर्वी किनारे पर समुद्र तट के क़रीब निर्मित है.


भारत की समृद्ध विरासत, शिल्पकला और वैज्ञानिक सोच का प्रमाण यह मंदिर हैं। मंदिर की बहुत सी विशेषताएं इसे असाधारण बनाती हैं। सूर्य देवता के रथ के आकार में बनाया गया यह मंदिर भारत की मध्यकालीन वास्तुकला का अनोखा उदाहरण है। इसे सूर्य मंदिर के नाम से जाना जाता है


मंदिर को 13वीं शताब्दी में पूर्वी गंगा वंश के राजा नारसिंहदेव (1238-1250 सीई) ने सूर्य देव को समर्पित किया था। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान श्री कृष्ण के पुत्र, सांबा को कोणार्क सूर्य मंदिर प्राप्त हुआ जो सूर्य भगवान के सम्मान में उनके कुष्ठ रोग को ठीक करने के लिये बनाया गया था।

भारत की समृद्ध विरासत, शिल्पकला और वैज्ञानिक सोच का प्रमाण यह मंदिर है


ओडिशा के कोणार्क में रथ के आकार में बनाया गया यह खूबसूरत मंदिर सूर्य देव को समर्पित है। मंदिर अपने विशिष्ट आकार और शिल्पकला के लिए दुनिया भर में मशहूर है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य देवता के रथ में 12 पहिए हैं और रथ को खींचने के लिए उसमें 7 घोड़े हैं। सूर्य मंदिर समय की गति को भी दर्शाता है, जिसे सूर्य देवता नियंत्रित करते हैं। पूर्व दिशा की ओर जुते हुए मंदिर के 7 घोड़े सप्ताह के सातों दिनों के प्रतीक हैं। 12 जोड़ी पहिए दिन के चौबीस घंटे दर्शाते हैं, वहीं इनमें लगी 8 ताड़ियाँ दिन के आठों प्रहर की प्रतीक स्वरूप है।

कलिंग शैली में निर्मित यह मंदिर सूर्या देव(अर्क) के रथ के रूप में निर्मित है


आश्चर्यचकित प्राचीन निर्माण कला का अद्भुत कोणार्क मंदिर यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज
साइट में शामिल है. इसे युनेस्को द्वारा सन 1984 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है। कलिंग शैली में निर्मित यह मंदिर सूर्य देव(अर्क) के रथ के रूप में निर्मित है। इस को पत्थर पर उत्कृष्ट नक्काशी करके बहुत ही सुंदर बनाया गया है।