भारत की राष्ट्रीयता है हिंदुत्व : जे. नंदकुमार

दिंनाक: 13 Aug 2018 15:09:54


भोपाल(विसंके). भारत में अनेक प्रकार की विविधताएं हैं। किंतु, सबको एक तत्व बांधकर रखता है। यह तत्व हिंदुत्व है। हिंदुत्व ही भारत की राष्ट्रीयता है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस से लेकर रवीन्द्रनाथ टैगोर तक ने भी यही कहा है। यंग थिंकर्स कॉन्क्लेव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए थिंक टैंक प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक श्री जे. नंदकुमार ने यह विचार व्यक्त किए। समापन सत्र में मुख्य अतिथि महापौर आलोक शर्मा थे और अध्यक्षता राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुनील कुमार ने की।


            विचारक श्री नंदकुमार ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने कहा है कि हम चाहे भारत के उत्तर में जाएं, या दक्षिण में, पूर्व में जाएं या फिर पश्चिम में, भारत की संस्कृति एक ही है। नेताजी आगे कहते हैं कि भारत को किस संस्कृति ने एकसूत्र में जोड़ रखा है? इसका उत्तर देते हुए नेताजी कहते हैं, वह तत्व है- हिंदुत्व, हिंदुत्व, हिंदुत्व। नेताजी ने बताया कि भारत की राष्ट्रीयता हिंदुत्व है। श्री नंदकुमार ने रवीन्द्रनाथ टैगोर का उल्लेख करते हुए बताया कि गुरुदेव ने भी अपनी पुस्तक 'स्वदेशी समाज' में लिखा है कि हम किसी को अलग नहीं मानते। हम किसी को शत्रु नहीं मानते। यहाँ हिंदु, मुस्लिम और ईसाई आपस एक बिंदु पर मिलते हैं। यह बिंदु हिंदुत्व है। उन्होंने यह भी बताया कि कम्युनिस्ट विचार कार्ल मार्क्स ने भी अपनी पुस्तक और लेखों में लिखा है कि भारत का मुख्य तत्व हिंदुत्व है। श्री नंदकुमार ने प्रसिद्ध लेखक एवं चिंतक वीएस नॉयपॉल के देहांत पर अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नॉयपॉल ने भी हिंदुत्व को भारत का मूल तत्व बताया है। उन्होंने हिंदू संस्कृति पर हुए आक्रमणों को साहस के साथ लिखा है।

भारत संस्कृति के आधार पर बना है राष्ट्र : श्री नंदकुमार ने बताया कि दुनिया में मान्यता है कि राष्ट्र का निर्माण सैन्य ताकत और सरकार के बिना नहीं हो सकता। किन्तु, भारत इस धारणा को तोड़ता है। भारत संस्कृति के आधार पर एक राष्ट्र है। हरियाणा के राखीगढ़ी में हुई पुरातत्व सर्वेक्षण के आधार पर कराई गई खुदाई में प्राप्त प्रमाणों से यह बात आसानी से समझी जा सकती है। खुदाई में प्राप्त प्रमाणों ने सिद्ध कर दिया है कि भारत में संस्कृति आधारित एक राष्ट्र की अवधारणा दस हजार वर्ष पहले से है।

दो दिवसीय यंग थिंकर्स कॉन्क्लेव-2018 के समापन समारोह में प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक ने व्यक्त किए विचार


दुनिया को बचाना है तो भारत का 'भारत' बने रहना जरूरी : विचारक श्री नंदकुमार ने कहा कि विश्व को बचाना है तो भारत का भारत बने रहना आवश्यक है। इसके लिए भारत को ताकतवर बनाने की भी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि पूरे विश्व को मार्ग दिखाने के लिए हमें सामर्थ्यवान होना होगा। हमारे युवा सभी देशों में भारत का विचार लेकर पहुँचे। यंग थिंकर्स कॉन्क्लेव जैसे आयोजनों को उन्होंने युवाओं के लिए आवश्यक बताया। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि महापौर आलोक शर्मा ने कहा कि हिंदुस्तान का नौजवान जागता है, तो इतिहास बदल देता है। वहीं, कुलपति प्रो. सुनील कुमार ने कहा कि इस सभागार की दीवारें मौन हैं, लेकिन आपके इस आयोजन की गूँज सभागार को वर्षों तक गुंजायमान रखेगी। उन्होंने बताया कि इस आयोजन ने सिद्ध किया है कि विश्वविद्यालय वही है, जहाँ चिंतन हो, मनन हो। विद्यार्थी चिंतन करे और मनन करे। इससे पूर्व कार्यक्रम का प्रतिवेदन सह-संयोजक आशुतोष ठाकुर ने प्रस्तुत किया। सत्र का संचालन अभिलाष ठाकुर ने किया और आभार व्यक्त कॉन्क्लेव के संयोजक डॉ. संजीव शर्मा ने किया।