ग्यारसपुर में स्थित है, हिन्दू, बौद्ध, तथा जैन धर्म परंपरा को एक साथ दर्शाता मध्यकालीन युग का प्राचीन माला देवी मंदिर

दिंनाक: 24 Aug 2018 16:10:48


भोपाल(विसंके). विदिशा का ग्यारसपुर विकासखंड में एक पहाड़ी ढलान पर ऐतिहासिक मालादेवी मंदिर स्थित है। घाटी के कोने में स्थित यह मंदिर एक आभूषण की तरह दिखाई देता है। यह चट्टान को काट कर बनाए गए मंदिर की तरह लगता है।


यहां आकर पहाड़ी से शानदार दृश्य ही नहीं दिखाई देता, बल्कि यह स्थान हमें अपनी विरासत और इतिहास का भी पाठ पढ़ाता है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की वेबसाइट बताती है कि यह मंदिर 9-10वीं सदी में निर्मित हुआ है। इसके नक्काशीदार स्तंभ, मूर्तियां, दरवाजे के चौखट, बालकनी, वास्तु कला हमें हमारे समृद्ध इतिहास से रूबरू करवाते हैं और उसे जानने की समझ पैदा करते हैं।

 


यदि आप कभी विदिशा जाएं, तो इस मंदिर को देखना न भूलें। यह भोपाल से लगभग दो घंटे की दूरी पर है। विदिशा के बस स्टैंड से आपको एक और दिलचस्प पुरातात्विक महत्व का स्थान आठ खंभा दिखाई देता है। आठ खंभा उसके निर्माण काल के शिल्प कौशल का शीर्ष नमूना है। यहां से आगे जाकर आप इस मालादेवी मंदिर तक पहुंच सकते हैं।


खास बात यह है कि आप जब इस मंदिर की ओर जाते हैं, तो पहाड़ी पर होने के कारण पूरा मंदिर दिखाई नहीं देता है। लेकिन जैसे-जैसे सीड़ियों से आगे बढ़ते है, आपके सामने एक शानदार आकृति उभरने लगेगी और जब आप यहां पहुंच जाएंगे, तो ऐसा महसूस होगा कि आप दुनिया की सर्वश्रेष्ठ जगहों में से एक पर मौजूद हैं।