शिक्षा क्षेत्र में रोशनलाल जी के अतुलनीय योगदान को श्रृद्धांजलि सभा में स्मरण किया

दिंनाक: 27 Aug 2018 15:25:04


भोपाल(विसंके). रोशनलाल जी अध्ययनशील और प्रतिभाशाली व्यक्तित्व थे। वह स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं को गढऩे का काम करते थे। पिता तुल्य वह स्वयंसेवकों की और उनके परिवार की भी चिंता करते थे। मध्य भारत में शिक्षा के क्षेत्र में उनका अतुलनीय योगदान रहा है। विगत 21 अगस्त को ही स्वर्गवासी हुए एक अन्य वरिष्ठ स्वयंसेवक कन्हैया लाल द्विवेदी ने भी शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय कार्य किए।


      इस अवसर पर श्री श्रीराम आरावकर राष्ट्रीय सहसंगठनमंत्री विद्याभारती ने कहा कि पहला सम्पर्क सतना शाखा में आया। आपात काल में स्वर्गीय श्री रोशनलाल सक्सेना जी के सम्पर्क में आया। वे नारियल के स्वरुप उनका मन था अन्दर से विनम्र एवं ऊपर से कठोर।

            आरावकर जी ने कहा कि उन्होने कार्य की एक पद्धति विकसित की । उन्होने कामखड़ा करो संसाधन अपने आप जुट जाएगें। उन्होने जो तंत्र खड़ा किया। प्रषिक्षणों वर्गो में का तंत्र खड़ा किया पाठ्क्रम बनबाया । सुदूर क्षेत्र झाबुआ, वस्तर, बैतूल तक कार्य खड़ा किया। सघन कार्य वनवासी क्षेत्र में हुआ । उनका विशेष चरित्र था।

            श्री राकेश सिंह प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि वट वृक्ष का यह रुप विद्याभारती में स्व.श्री रोशनलाल सक्सेना जैसी विभूतियों के कारण दिखाई देता है। लक्ष्य की प्राप्ति में सुविधाओं की कमी बाधा नहीं बनती साधना परिणाम तक पहुँचती है। यह रोशनलाल जैसों की तपस्या का ही परिणाम है। भोपाल में एक वार उनसे मिलने का अवसर मिला था। पर वे शीघ्र संसार से चले गये। जाने वाले की स्मृति वेदना कारक होती है पर रोशनलाल जी की स्मृति पीढ़ियों तक प्रेरणा देती रहेगी। उनके श्री चरणों विनम्र श्रृद्धांजलि देता हूँ।


श्री हस्तिमल जी अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा कि पुराने लोग एक-एक करके जा रहे हैं इनके अनुभवों को नये लोगों तक पहुँचने चाहिए। इनके प्रेरक प्रसंगो केा लिपिबद्ध कर स्मृति संकलन की योजना बनानी चाहिए। भारत माता की एक गोद खाली हुई है, कोख नहीं । लेकिन अभी हजारो कार्यकर्ता इस स्वपन्न को साकार करेगें यही हमारी स्वर्गीय श्री रोशनलाल सक्सेना को श्रृद्धांजलि है।


श्रद्धांजलि सभा में प्रांत सह संघचालक अशोक जी पांडे राष्ट्रीय सिख संगत के बिहारी लाल लोकवानी, इतिहास संकलन समिति के श्री सत्यनारायण शर्मा, म.प्र. शिक्षक संघ के महामंत्री छत्रवीर सिंह राठौर, राजेन्द्र शर्मा, सरस्वती शिक्षा परिषद के पूर्व प्रांत मंत्री शिवराम जी देशपाण्डे, सौ.पिंकेश लता रघुवंशी, डॉ. भागीरथ कुमरावत उपाध्यक्ष मााध्यमिक षिक्षा मण्डल, भोपाल, डॉ. पूर्णिमा दाते, डॉ. प्रेम भारती, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री प्रफुल्ल अकांत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी विवेक सक्सेना, आदि ने स्व. रोशनलाल जी सक्सेना और स्व. कन्हैयालाल द्विवेदी के साथ अपने संस्मरणों को साझा करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।


इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं एवं माता-बहिनो ने अपनी भावभीनी श्रृद्धाजंलि अप्रित की ।