आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 30 Aug 2018 14:15:39


शरीर और मन से शुद्ध - पवित्र रहने वाला, उत्कृष्ट लोगों के सानिध्य में रहने वाला, मधुरभाषी, अहंकार से रहित, अपने से उत्कृष्ट वर्ण वालों की सेवा करने वाला शूद्र भी उत्तम ब्रह्म जन्म और द्विज वर्ण को प्राप्त कर लेता है

  • मनुस्मृति