क्रोध व्यक्ति के विवेक को समाप्त कर देता है - श्रीराम जी अरावकर

दिंनाक: 07 Aug 2018 16:52:45


भोपाल(विसंके). जीवन में योग अति आवश्यक है योग के माध्यम से शरीर न केवल स्वास्थ्य रहता है बल्कि मन भी नियंत्रित रहता है जब व्यक्ति का मन नियंत्रण में रहता है तो क्रोध से बचता है क्योंकि क्रोध व्यक्ति के विवेक को समाप्त कर देता है , ध्यान करने से क्रोध पर नियंत्रण रखा जा सकता है साथ ही श्वास की गति भी सामान्य रहती है ।


यह बात श्रीयुत श्रीराम जी अरावकर अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली ने सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय में आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की आसन्दी से कहे ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री ज्ञानसिंह कौरव शिवपुरी विभाग समन्वयक विद्याभारती मध्यभारत प्रान्त तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री पुरुषोत्तम जोशी क्षेत्र प्रमुख सेवा क्षेत्र की शिक्षा रहे ।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर सरस्वती वंदना से किया गया , अतिथियों का स्वागत भैया योगेंद्र परमार एवं अभिषेक यादव ने तिलक लगाकर एवं श्रीफल भेंट कर किया । कार्यक्रम का संचालन भैया अजय पटेल ने एवं आभार विद्यालय के प्राचार्य श्री पवन शर्मा ने व्यक्त किया ।

इस अवसर पर समस्त आचार्य गण एवं सभी भैया उपस्थित रहे ।