आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 26 Sep 2018 15:42:15


हमारा ध्येय संस्कृति का संरक्षण मात्र नहीं, अपितु उसे गति देकर सजीव व सक्षम बनाना है | उसके आधार पर राष्ट्र की धारणा हो और हमारा समाज स्वस्थ एवं विकासोन्मुख जीवन व्यतीत कर सके, इसकी व्यवस्था करनी है |


  • पं. दीनदयाल उपाध्याय