सरस्वती विद्यापीठ में किया गया बाल संचालित विद्यालय एवं आचार्य सम्मान समारोह

दिंनाक: 07 Sep 2018 15:56:18


भोपाल(विसंके). डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के अवसर पर सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय  बाल संचालित रहा जिसमें कक्षा 12 के भैया अजय पटेल व्यवस्थापक, भैया अभिषेक यादव प्राचार्य तथा उनके सहयोग के रूप में भैया बलराम गुर्जर पुस्तकालय प्रमुख, अंकित भार्गव कंप्यूटर प्रमुख, शिक्षण प्रमुख अमन खरे, बौद्धिक प्रमुख विक्रम किरार एवं शेष भैया आचार्य की भूमिका में नजर आए ।


साथ ही जनकल्याण न्यास शिवपुरी के तत्वाधान में सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय में आयोजित आचार्य सम्मान समारोह रूप में आयोजित किया गया। जिसमें सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय के आचार्य - दीदीयों को सम्मनित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि श्री शिरोमणि जी दुबे प्रांतीय समिति उपाध्याक्ष विद्याभारती मध्यभारत प्रांत तथा डी.पी.सी.शिवपुरी, अध्यक्षता श्री महावीर प्रसाद जैन सामाजिक कार्यकर्ता और व्यवसायी, विशिष्ट अतिथि श्री ज्ञानसिंह कौरव विभाग समन्वयक शिवपुरी विभाग विद्याभारती मध्यभारत प्रांत रहे ।


कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती एवं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर सरस्वती वंदना के साथ किया गया। अतिथि परिचय भैया तेजस्व मिश्रा द्वारा, अतिथि स्वागत भैया नरेंद्र यादव एवं कमल किशोर धाकड़ तथा प्रस्तावना भाषण भैया रवि रावत, स्वरचित काव्यपाठ आचार्य श्री उदयवीर विश्वकर्मा द्वारा किया गया ।


कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्री शिरोमणि दुबे  ने कहा कि आचार्य असाधारण होता है , भारत देश में गुरू शिष्य परम्परा सदियों से ही अनवरत अहर्निश प्रवाहित हो रही गुरू सदैव चिंतनरत रहता है, कि समाज को कैसे और श्रेष्ठ बनाया जाये तथा व्यक्ति की बुराईयों से उन्हे अवगत कराकर नई दिशा दिखा कर समाज को परिवर्तित कर देता है। शिक्षा उस सरगम का नाम है जो गीत बन जाये न कि अंक पत्र, डिग्री प्रदान करना। श्री दुबे जी ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन ने  भारतीय दर्शन को विदेशों में भी विषम परिस्थितियों में भी अपने आचरण एवं कृतित्व के द्वारा सम्मान दिलाया। श्री राधाकृष्णन के द्वारा बताये गये आदर्श एवं सिद्धांतों को अपनाना चाहिये तथा शिष्य का काठिन्य निवारण गुरू के द्वारा ही होता है। हमारा उद्देश्य श्री राधाकृष्णन के कृतित्व एवं भारतीय दर्शन के सही ज्ञान एवं परम्परा को विकसित कर स्वयं को स्वध्याय, चिन्तन एवं मनन के द्वारा प्रखर एवं तेजस्वी बनाना है।


कार्यक्रम का संचालन भैया दीपक भगत ने और अंत में आभार प्रदर्शन सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय के छात्र संसद के उप प्रधानमंत्री भैया अंकित रघुवंशी के द्वारा किया गया। इस अवसर पर समस्त आचार्य परिवार एवं भैया उपस्थित रहे।