परंपरागत उद्योगों के पुनर्सृजन हेतु स्फूर्ति योजना के अंतर्गत चयनित आर्टिजनों का प्रशिक्षण

दिंनाक: 30 Jan 2019 17:10:35


भोपाल(विसंके). तीन दिवसीय प्रशिक्षण परंपरागत उद्योगों के पुनर्सृजन हेतु खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के स्फूर्ति योजना के अंतर्गत चयनित आर्टिजनों का प्रशिक्षण दिनांक 29 से 31 जनवरी 2019 तक औषधीय पौधें का संग्रह/कटाई एवं भण्डारण विषय पर कृषि विज्ञान केन्द्र, मझगवां में किया जा रहा है। प्रषिक्षण का विधिवत उद्घाटन दिनांक 29 जनवरी को हुआ जिसमें दीनदयाल शोध संस्थान कृषि विज्ञान केन्द्र, मझगवां के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वेद प्रकाश सिंह, आयुर्वेद सदन, आरोग्यधाम से डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी, चित्रकूट रसषाला के प्रबंधक डॉ. विजय प्रताप सिंह एवं खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रशिक्षक श्री रामदत्त पाण्डेय की उपस्थिती में हुआ। इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम पछीत, बरहठाकला, झरी, पुतरिहा, पड़ो, किरहाईपोखरी एवं मलगौसा जिला सतना मध्यप्रदेश कुल 78 आर्टिजनों की सहभागिता रही। डॉ. विजय प्रताप सिंह ने अपने वक्तव्य मे कहा कि परंपरागत उद्योगों और कारीगरों को क्लस्टरों में संगठित करना, ताकि उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके और उनके दीर्घकालिक स्थायित्व तथा आर्थिक वृद्धि हेतु सहायता प्रदान की जा सके; परंपरागत उद्योग के कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों हेतु स्थाई रोजगार प्रदान करना; नए उत्पाद, डिजाईन सुधार और उन्नत पैकेजिंग की सहायता प्रदान करते हुए क्लस्टरों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री क्षमता बढ़ाना तथा विपणन की आधारभूत संरचना में सुधार करना इत्यादि योजना के उद्धेश्यों पर भी प्रकाश डाला। अन्त में क्लस्टर विकास कार्यकारी श्री सुजीत सोनी ने मंचासीन अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

तकनीकी सत्रों में विषय विशेषज्ञों द्वारा अपने-अपने विषयों पर व्यक्तव्य/प्रस्तुतिकरण आर्टिजनों के मध्य रखे गये- डॉ.  सिकरवार द्वारा वनो में उपलब्ध औषधीय पौधे वनौषधीय की पहचान एवं संग्रह, डॉ.  मनोज त्रिपाठी द्वारा औषधीय पौधों के संग्रह के सामान्य तकनीक डॉ.  वेद प्रकाश द्वारा औषधीय पौधों के लिये अच्छी कृषि पद्धतियों के सामान्य तकनीकी पहलू,डॉ.  विजय प्रताप द्वारा प्रसंशकरण, श्री सुजीत सोनी द्वारा भण्डारण एवं मूल्यवर्धन पर एवं श्री राजेन्द्र पटेल द्वारा जीवित वनौषधियों का प्रदर्षन एवं उपयोगिता विषय पर प्रस्तुतिकरण किये गए ।