आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 30 Jan 2019 11:36:09




आम तौर पर लोग चीजें जैसी हैं उसके आदि हो जाते हैं और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते हैं। हमें इसी निष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी भावना से बदलने की ज़रुरत है.

                                                                           - भगत सिंंह